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ई कॉमर्स ऐप्स होंगे और स्मार्ट, AI की मदद से आसान होगी खरीदारी

Ratna Netam
4 Nov 2026 4:48 PM IST
ई कॉमर्स ऐप्स होंगे और स्मार्ट, AI की मदद से आसान होगी खरीदारी
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नई दिल्ली। ऑनलाइन शॉपिंग की दुनिया तेजी से बदल रही है। पहले ई-कॉमर्स ऐप्स पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल मुख्य रूप से ग्राहकों को उनकी पसंद के उत्पाद सुझाने के लिए किया जाता था। लेकिन अब AI केवल प्रोडक्ट की सिफारिश करने तक सीमित नहीं रह गया है। यह ग्राहकों की जरूरत समझने, सही सामान खोजने, कीमतों की तुलना करने, ऑफर बताने और खरीदारी का निर्णय लेने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नई रिपोर्टों के मुताबिक, आने वाले समय में AI ऑनलाइन शॉपिंग के पूरे अनुभव को बदल सकता है।ई-कॉमर्स कंपनियां अब ऐसे स्मार्ट AI टूल विकसित कर रही हैं, जो ग्राहकों के साथ सामान्य बातचीत करके उनकी जरूरतों को समझ सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक 20 हजार रुपये के बजट में अच्छा स्मार्टफोन खरीदना चाहता है, तो AI उसकी जरूरत के अनुसार कैमरा, बैटरी, स्टोरेज और प्रदर्शन जैसे फीचर्स की तुलना करके विकल्प बता सकता है।इसके साथ ही ग्राहकों को अलग-अलग वेबसाइटों पर जाकर उत्पाद खोजने और उनकी विशेषताओं की तुलना करने में लगने वाला समय भी कम हो सकता है।अक्टूबर 2026 में प्रकाशित नीलसनआईक्यू (NIQ) की एजेंटिक कॉमर्स इंडिया 2026 रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय ग्राहक उत्पाद खोजने, ब्रांड चुनने और खरीदारी से जुड़े फैसले लेने के लिए AI का उपयोग तेजी से कर रहे हैं। यह अध्ययन देश के आठ प्रमुख महानगरों में किया गया था और इसमें 16 उत्पाद श्रेणियों को शामिल किया गया।
इस बदलाव को तकनीकी दुनिया में 'एजेंटिक कॉमर्स' कहा जा रहा है। इसका अर्थ ऐसी खरीदारी व्यवस्था से है, जिसमें AI असिस्टेंट ग्राहक की ओर से कई काम कर सकता है। इसमें उत्पाद खोजने, अलग-अलग विकल्पों की तुलना करने, खरीदारी की सूची तैयार करने और कुछ परिस्थितियों में ऑर्डर की प्रक्रिया पूरी करने जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।सेल्सफोर्स की सितंबर 2026 में जारी स्टेट ऑफ कॉमर्स रिपोर्ट के अनुसार, AI आधारित बातचीत से खरीदारी की शुरुआत करने का चलन तेजी से बढ़ा है। रिपोर्ट में बताया गया कि खरीदारी की शुरुआत में एजेंटिक सर्च का इस्तेमाल सालाना आधार पर 200 प्रतिशत बढ़ा। यह अध्ययन हजारों उपभोक्ताओं और ई-कॉमर्स क्षेत्र के पेशेवरों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।AI की सबसे बड़ी विशेषता ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार व्यक्तिगत अनुभव प्रदान करना है। सामान्य ऑनलाइन शॉपिंग में ग्राहकों को सैकड़ों उत्पादों की सूची दिखाई देती है, लेकिन AI उनकी पसंद, बजट और उपयोग के आधार पर विकल्पों को सीमित करने में मदद कर सकता है।उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक दिवाली पर परिवार के लिए उपहार खरीदना चाहता है, तो वह AI असिस्टेंट को बजट और उपहार पाने वाले व्यक्ति की पसंद बता सकता है। इसके आधार पर AI उपयुक्त गिफ्ट के विकल्प सुझा सकता है।
फैशन और कपड़ों की खरीदारी में भी AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है। कई प्लेटफॉर्म ग्राहकों को उनकी पसंद के अनुसार कपड़ों के डिजाइन, रंग और स्टाइल खोजने में मदद करने वाली तकनीक विकसित कर रहे हैं। वर्चुअल ट्रायल जैसी सुविधाओं से ग्राहक यह अंदाजा लगा सकते हैं कि कोई उत्पाद उन पर कैसा दिखाई देगाAI का प्रभाव केवल ग्राहकों तक सीमित नहीं है। ई-कॉमर्स कंपनियां इसका इस्तेमाल उत्पादों की जानकारी बेहतर बनाने, ग्राहकों के सवालों का जवाब देने और बिक्री के रुझान समझने के लिए भी कर रही हैं।ग्राहक सेवा में AI चैटबॉट पहले से मौजूद हैं, लेकिन नई पीढ़ी के AI असिस्टेंट अधिक जटिल सवालों को समझने और उनके जवाब देने की क्षमता विकसित कर रहे हैं। इससे ऑर्डर की स्थिति जानने, उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त करने और रिटर्न प्रक्रिया समझने जैसे काम आसान हो सकते हैं।हालांकि, ऑनलाइन खरीदारी में AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। इनमें ग्राहकों की निजी जानकारी की सुरक्षा, गलत उत्पाद विवरण, भ्रामक सुझाव और AI पर अत्यधिक निर्भरता जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।गार्टनर की मई 2026 में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता उत्पाद खोजने और विकल्पों की तुलना करने में AI की मदद लेने के लिए अपेक्षाकृत अधिक तैयार हैं, लेकिन अंतिम खरीदारी का फैसला AI को सौंपने के मामले में अभी सावधानी बरत रहे हैं।
गार्टनर के सर्वेक्षण में AI का इस्तेमाल करके खरीदारी करने वाले 54 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हें AI की ओर से दी गई जानकारी की सटीकता दोबारा जांचनी पड़ी। यह बताता है कि तकनीक उपयोगी होने के बावजूद उस पर पूरी तरह निर्भर रहना उचित नहीं है।भारत में भी AI आधारित खरीदारी का चलन बढ़ रहा है। नवंबर 2026 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, मैकिंजी के सर्वेक्षण में शामिल भारतीय मिलेनियल्स में 84 प्रतिशत ने खरीदारी से जुड़े कामों में AI टूल इस्तेमाल करने की बात कही। जेनरेशन-जेड के लिए यह आंकड़ा 74 प्रतिशत रहा।विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की बड़ी संख्या, डिजिटल भुगतान का विस्तार और ऑनलाइन खरीदारी की बढ़ती लोकप्रियता AI आधारित ई-कॉमर्स को आगे बढ़ाने में मदद कर सकती हैहालांकि, पूरी तरह स्वचालित खरीदारी अभी शुरुआती दौर में है। अधिकांश ग्राहकों के लिए भुगतान की अंतिम स्वीकृति, उत्पाद की विश्वसनीयता जांचना और रिटर्न संबंधी शर्तें समझना जरूरी बना हुआ है।ई-कॉमर्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा भी तेज हो रही है। कंपनियां अपने ऐप्स में ऐसे AI फीचर्स जोड़ने पर काम कर रही हैं, जिससे ग्राहकों को बेहतर अनुभव मिले और वे कम समय में अपनी जरूरत का सामान खरीद सकें।भविष्य में ग्राहक सामान्य भाषा में अपनी जरूरत बताकर खरीदारी कर सकेंगे। AI उपलब्ध विकल्पों की तुलना करने, उत्पादों की विशेषताएं समझाने और ग्राहक की अनुमति से खरीदारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।
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