
Business: पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने और युद्धविराम लागू होने के बाद भारत सरकार ने प्राकृतिक गैस सप्लाई से जुड़े अधिकतर आपात नियम वापस ले लिए हैं। सरकार के अनुसार, Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) से LNG (Liquefied Natural Gas) की आवाजाही फिर से सामान्य हो गई है, जिसके चलते सख्त नियंत्रण की अब आवश्यकता नहीं रही। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को एक नोटिफिकेशन जारी कर Natural Gas (Supply Regulation) Order, 2026 में संशोधन की जानकारी दी। इससे पहले मार्च में पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई बाधित होने के कारण सरकार ने आपात आदेश लागू किया था, जिसके तहत गैस की प्राथमिकता तय की गई थी।
सरकारी आदेश के अनुसार, उस समय PNG, CNG, LPG उत्पादन और गैस पाइपलाइन संचालन को 100% सप्लाई दी जा रही थी, जबकि फर्टिलाइज़र सेक्टर को 70% और औद्योगिक उपभोक्ताओं को 80% गैस उपलब्ध कराई जा रही थी। बिजलीघरों और पेट्रोकेमिकल प्लांट की सप्लाई में कटौती की गई थी ताकि घरेलू और जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता दी जा सके। मार्च में यह स्थिति तब बनी थी जब ईरान और अन्य देशों के बीच तनाव बढ़ने से हॉर्मुज जलमार्ग प्रभावित हुआ था और कई LNG कार्गो को डाइवर्ट करना पड़ा था। उस समय भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा था, जिसके बाद सरकार ने इमरजेंसी व्यवस्था लागू की थी।
अब हालात सामान्य होने के बाद इन प्रतिबंधों को हटाया गया है। गैस सप्लाई में सामान्य व्यापारिक व्यवस्था बहाल कर दी गई है और कंपनियों को पहले की तरह सप्लाई और मूल्य निर्धारण की स्वतंत्रता मिल गई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। देश अपनी लगभग 88% कच्चे तेल और करीब 50% प्राकृतिक गैस का आयात करता है। LNG का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है, जो हॉर्मुज जलमार्ग से होकर गुजरता है।
सरकार के इस फैसले से ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद है और औद्योगिक व घरेलू गैस आपूर्ति पर दबाव कम होगा।





