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नई दिल्ली। अगर आपने पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), किसान विकास पत्र (KVP), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) या पोस्ट ऑफिस की किसी छोटी बचत योजना में पैसा लगाया है तो 30 सितंबर की तारीख आपके लिए महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2026-27 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करेगी। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी।हालांकि यह अभी तय नहीं है कि सरकार ब्याज दरें बढ़ाएगी, घटाएगी या मौजूदा स्तर पर बरकरार रखेगी। जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए सरकार ने सभी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। यह लगातार नौवीं तिमाही थी जब दरें स्थिर रखी गईं।
30 सितंबर को क्यों टिकी हैं निवेशकों की नजरें?
सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा प्रत्येक तिमाही करती है। मौजूदा जुलाई-सितंबर तिमाही 30 सितंबर को समाप्त हो रही है। इसलिए अगली अक्टूबर-दिसंबर तिमाही की दरों पर सरकार का फैसला इसी अवधि के अंत में आने की उम्मीद है।पिछले साल भी अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही की छोटी बचत दरों से संबंधित अधिसूचना 30 सितंबर को जारी हुई थी। वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के रिकॉर्ड में 30 सितंबर 2025 की यह अधिसूचना दर्ज है।इस बार फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि लंबे समय से PPF समेत प्रमुख योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
अभी PPF पर मिल रहा 7.1 प्रतिशत ब्याज
जुलाई से सितंबर 2026 तक PPF पर सालाना 7.1 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है। सरकार ने 30 जून को जारी फैसले में इसे पिछली तिमाही के स्तर पर ही बरकरार रखा था।PPF लंबी अवधि की सरकारी समर्थित बचत योजना है। इसका मूल कार्यकाल 15 साल का होता है। लंबी अवधि के निवेश और टैक्स से जुड़े लाभों के कारण इसका इस्तेमाल रिटायरमेंट तथा दूसरे दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों के लिए किया जाता है।अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि 1 अक्टूबर से PPF की 7.1 प्रतिशत ब्याज दर में कोई बदलाव होता है या नहीं।
सुकन्या समृद्धि पर 8.2 प्रतिशत
बेटियों के भविष्य के लिए बनाई गई सुकन्या समृद्धि योजना पर मौजूदा जुलाई-सितंबर तिमाही में 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है। प्रमुख छोटी बचत योजनाओं में यह सबसे ऊंची दरों में शामिल है।सुकन्या समृद्धि योजना खासतौर पर बेटी की शिक्षा और शादी जैसे दीर्घकालिक खर्चों के लिए बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई है।30 सितंबर की समीक्षा में अगर इस योजना की ब्याज दर बदली जाती है तो नई दर 1 अक्टूबर से प्रभावी होगी।
किसान विकास पत्र पर कितना मिल रहा ब्याज?
किसान विकास पत्र यानी KVP पर अभी 7.5 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। मौजूदा दर के हिसाब से इसमें निवेश की मैच्योरिटी अवधि 115 महीने है।नाम में ‘किसान’ होने के बावजूद किसान विकास पत्र केवल किसानों तक सीमित योजना नहीं है। पात्र निवेशक नियमों के अनुसार इसमें निवेश कर सकते हैं। इसलिए इसे केवल किसानों के लिए चलने वाली योजना समझना सही नहीं होगा।अगर सरकार KVP की ब्याज दर में बदलाव करती है तो नई तिमाही में नए निवेश की मैच्योरिटी अवधि पर भी उसका असर पड़ सकता है।
NSC पर मिल रहा 7.7 प्रतिशत
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट पर जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए 7.7 प्रतिशत सालाना ब्याज दर लागू है। सरकार ने पिछली समीक्षा में इसमें भी कोई बदलाव नहीं किया था।NSC की अवधि पांच साल होती है और यह पोस्ट ऑफिस की लोकप्रिय बचत योजनाओं में शामिल है। निश्चित रिटर्न और सरकारी समर्थन की वजह से कम जोखिम पसंद करने वाले निवेशकों के बीच इसका इस्तेमाल किया जाता है।
वरिष्ठ नागरिकों को 8.2 प्रतिशत ब्याज
Senior Citizens Savings Scheme यानी SCSS पर मौजूदा तिमाही में 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। यह सुकन्या समृद्धि योजना के साथ प्रमुख छोटी बचत योजनाओं में सबसे ऊंची मौजूदा दरों में शामिल है।इस योजना में ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर किया जाता है। इसलिए सेवानिवृत्ति के बाद नियमित आय चाहने वाले पात्र वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण सरकारी समर्थित विकल्प है।
पोस्ट ऑफिस की इन योजनाओं पर भी होगा फैसला
30 सितंबर की समीक्षा केवल PPF, सुकन्या या KVP तक सीमित नहीं होगी। पोस्ट ऑफिस की दूसरी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की भी समीक्षा होगी।फिलहाल पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट पर 4 प्रतिशत, एक साल की टाइम डिपॉजिट पर 6.9 प्रतिशत, दो साल की टाइम डिपॉजिट पर 7 प्रतिशत, तीन साल की टाइम डिपॉजिट पर 7.1 प्रतिशत और पांच साल की टाइम डिपॉजिट पर 7.5 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है।पांच साल की रिकरिंग डिपॉजिट पर 6.7 प्रतिशत और मंथली इनकम स्कीम पर 7.4 प्रतिशत की दर लागू है।
लगातार नौ तिमाहियों से नहीं हुआ बदलाव
जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को लगातार नौवीं तिमाही तक अपरिवर्तित रखा। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि 1 जुलाई से 30 सितंबर तक वही दरें जारी रहेंगी जो अप्रैल-जून तिमाही में लागू थीं।छोटी बचत योजनाओं की कुछ दरों में आखिरी बदलाव वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही के लिए किया गया था। उसके बाद से प्रमुख योजनाओं की दरें स्थिर बनी हुई हैं।इसी वजह से इस बार निवेशकों की उत्सुकता ज्यादा है कि सरकार लगातार स्थिर रखी गई दरों में कोई बदलाव करती है या फिर एक और तिमाही के लिए पुरानी दरों को जारी रखती है।
कैसे तय होती हैं छोटी बचत की ब्याज दरें?
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करते समय सरकारी प्रतिभूतियों यानी Government Securities की यील्ड महत्वपूर्ण आधार होती है। बाजार में ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड की चाल के कारण छोटी बचत योजनाओं की दरों में बदलाव की गुंजाइश बन सकती है।लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बाजार दरों में बदलाव होते ही PPF या सुकन्या की ब्याज दर अपने आप बदल जाएगी। अंतिम फैसला केंद्र सरकार करती है और प्रत्येक तिमाही के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाती है।इसलिए 30 सितंबर से पहले किसी संभावित बढ़ोतरी या कटौती को तय मान लेना सही नहीं होगा।
मौजूदा ब्याज दरें एक नजर में
जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में PPF पर 7.1 प्रतिशत, सुकन्या समृद्धि और SCSS पर 8.2 प्रतिशत, NSC पर 7.7 प्रतिशत, KVP पर 7.5 प्रतिशत और पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम पर 7.4 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है।अब इन योजनाओं में पैसा लगाने वाले करोड़ों बचतकर्ताओं के लिए अगली महत्वपूर्ण तारीख 30 सितंबर है। सरकार की अगली घोषणा से साफ होगा कि 1 अक्टूबर से ब्याज दरें बदलेंगी या लगातार दसवीं तिमाही में भी मौजूदा स्तर बरकरार रहेगा।निवेशकों को किसी संभावित दर की चर्चा के आधार पर फैसला लेने के बजाय वित्त मंत्रालय की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।
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