
x
FD Rates : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से रेपो रेट में बढ़ोतरी के ऐलान के तुरंत बाद बजाज फाइनेंस ने अपने ग्राहकों को फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD पर ज्यादा ब्याज देने की घोषणा की है। कंपनी ने अलग-अलग अवधि वाली एफडी की ब्याज दरों में 15 से 40 बेसिस प्वाइंट तक का इजाफा किया है। नई ब्याज दरें 7 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई हैं। इसका फायदा नई एफडी कराने वाले निवेशकों के साथ-साथ मैच्योर हो रही एफडी को रिन्यू कराने वाले ग्राहकों को भी मिलेगा।
बजाज फाइनेंस का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है। रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी करीब चार साल में पहली बार हुई है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने यह फैसला सर्वसम्मति से लिया है। केंद्रीय बैंक ने अपनी नीति के रुख को भी ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है।
रेपो रेट बढ़ने का असर आम तौर पर बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र की ब्याज दरों पर दिखाई देता है। एक तरफ जहां होम लोन, कार लोन और दूसरे फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज महंगे हो सकते हैं, वहीं दूसरी ओर फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे निवेश विकल्पों पर ब्याज दर बढ़ने की संभावना भी बनती है। बजाज फाइनेंस ने आरबीआई की घोषणा के दिन ही एफडी की दरों में बदलाव कर इसका संकेत दे दिया है।
कंपनी की संशोधित ब्याज दरें 12 महीने से लेकर 60 महीने तक की अवधि वाली एफडी पर लागू हैं। अलग-अलग अवधि में ब्याज दरों में 15 से 40 बेसिस प्वाइंट तक बढ़ोतरी की गई है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी लंबी अवधि की एफडी में की गई है। इससे उन निवेशकों को ज्यादा फायदा मिल सकता है, जो कई वर्षों के लिए एक निश्चित रिटर्न वाले विकल्प में पैसा रखना चाहते हैं।
नई दरों के बाद सामान्य ग्राहकों को चुनिंदा अवधि वाली एफडी पर 7.75 प्रतिशत तक का ब्याज मिल सकता है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर सामान्य ग्राहकों की तुलना में अधिक रखी गई है। अलग-अलग अवधि और श्रेणी के आधार पर वरिष्ठ नागरिकों को करीब 8 प्रतिशत या उससे ज्यादा की ब्याज दर मिल सकती है। हालांकि निवेश करने से पहले ग्राहकों को संबंधित अवधि के लिए लागू सटीक दर की जांच करना जरूरी होगा।
फिक्स्ड डिपॉजिट उन निवेशकों के बीच लोकप्रिय है, जो बाजार के उतार-चढ़ाव से बचते हुए तय रिटर्न चाहते हैं। एफडी में पैसा एक निश्चित अवधि के लिए जमा किया जाता है और उस पर तय ब्याज मिलता है। ब्याज दर बढ़ने पर नए निवेशकों को उसी निवेश रकम पर पहले की तुलना में अधिक रिटर्न मिल सकता है।
मान लीजिए किसी एफडी की ब्याज दर पहले 7.25 प्रतिशत थी और कंपनी उसे 40 बेसिस प्वाइंट बढ़ाती है, तो नई दर 7.65 प्रतिशत हो जाएगी। यहां 100 बेसिस प्वाइंट का मतलब एक प्रतिशत होता है। इसी तरह 15 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का मतलब ब्याज दर में 0.15 प्रतिशत की वृद्धि है। हालांकि वास्तविक दर प्रत्येक अवधि और निवेशक की श्रेणी के हिसाब से अलग हो सकती है।
बजाज फाइनेंस ने यह भी स्पष्ट किया है कि संशोधित ब्याज दरें केवल नई एफडी पर ही लागू नहीं होंगी। जिन ग्राहकों की मौजूदा एफडी मैच्योर हो रही है और वे उसे रिन्यू कराते हैं, उन्हें भी उस समय लागू नई ब्याज दरों का लाभ मिल सकेगा। इससे पुराने ग्राहकों के लिए भी बेहतर रिटर्न पाने का विकल्प खुल गया है।
आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने से फिक्स्ड डिपॉजिट निवेशकों के लिए आने वाले समय में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आम तौर पर रेपो रेट बढ़ने के बाद बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए फंड जुटाने की लागत बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में वित्तीय संस्थान जमा आकर्षित करने के लिए एफडी की ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं। इसी वजह से बाजार की नजर अब दूसरे बैंकों और वित्तीय कंपनियों की जमा दरों पर भी रहेगी।
हालांकि निवेशकों को केवल ज्यादा ब्याज दर देखकर एफडी में निवेश करने का फैसला नहीं करना चाहिए। एफडी कराने से पहले अवधि, समय से पहले निकासी के नियम, टैक्स, ब्याज भुगतान का तरीका और संबंधित वित्तीय संस्था की शर्तों को समझना जरूरी है। वरिष्ठ नागरिकों को भी अलग-अलग अवधि पर उपलब्ध अतिरिक्त ब्याज की तुलना करनी चाहिए।
दूसरी ओर रेपो रेट बढ़ना लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए महंगा साबित हो सकता है। जिन ग्राहकों के होम लोन या दूसरे कर्ज फ्लोटिंग ब्याज दर से जुड़े हैं, उनकी ईएमआई या लोन की अवधि बढ़ सकती है। यानी एक ही मौद्रिक नीति फैसले का प्रभाव कर्ज लेने वालों और बचत करने वालों पर अलग-अलग दिखाई दे सकता है।
कुल मिलाकर आरबीआई के रेपो रेट को 5.50 प्रतिशत करने के तुरंत बाद बजाज फाइनेंस की ओर से एफडी दरों में 15 से 40 बेसिस प्वाइंट तक की बढ़ोतरी जमा निवेशकों के लिए राहत की खबर है। 7 अक्टूबर 2026 से लागू नई दरों का फायदा नई एफडी और रिन्यूअल दोनों पर मिलेगा। ऐसे में सुरक्षित और तय रिटर्न की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए एफडी की नई ब्याज दरें महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
Next Story





