व्यापार
NSE शेयर खरीदने का मौका जल्द आएगा IPO को लेकर आया बड़ा अपडेट
Ratna Netam
4 Sept 2026 7:48 PM IST

x
बिजनेस : शेयर बाजार में निवेशकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज **नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)** के बहुप्रतीक्षित IPO को बाजार नियामक **SEBI** की मंजूरी मिल गई है। करीब एक दशक से अटकी NSE की लिस्टिंग योजना अब आगे बढ़ती नजर आ रही है। इस खबर के बाद अनलिस्टेड मार्केट में NSE के शेयरों को लेकर उत्साह बढ़ गया है और ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में तेजी की चर्चा शुरू हो गई है।
NSE का IPO भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े पब्लिक इश्यू में शामिल हो सकता है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस IPO को लेकर संस्थागत और खुदरा निवेशकों में काफी दिलचस्पी देखने को मिल सकती है।
SEBI की मंजूरी के बाद खुला रास्ता
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने अपना IPO लाने के लिए लंबे समय से तैयारी कर रखी थी, लेकिन नियामकीय मामलों के कारण इसकी लिस्टिंग प्रक्रिया अटकी हुई थी। अब SEBI की मंजूरी मिलने के बाद कंपनी आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकती है।
रिपोर्टों के अनुसार, NSE को SEBI से ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट पर जरूरी टिप्पणियां मिल गई हैं। इसके बाद कंपनी अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल करने और IPO प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
दशहरा से पहले हो सकती है लिस्टिंग
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, NSE सितंबर 2026 में बाजार में उतरने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, बुक बिल्डिंग प्रक्रिया सितंबर के मध्य में शुरू हो सकती है और लिस्टिंग सितंबर के आखिरी सप्ताह तक होने की संभावना जताई जा रही है।
अगर यह टाइमलाइन पूरी होती है तो NSE के शेयर त्योहारी सीजन से पहले निवेशकों के पोर्टफोलियो में शामिल हो सकते हैं।
GMP में दिखा उत्साह
NSE IPO को लेकर ग्रे मार्केट में भी हलचल बढ़ गई है। रिपोर्टों के अनुसार, अनलिस्टेड मार्केट में NSE के शेयरों का प्रीमियम करीब 200 रुपये तक पहुंचने की चर्चा है।
हालांकि ग्रे मार्केट प्रीमियम आधिकारिक आंकड़ा नहीं होता और इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है। निवेशकों को केवल GMP के आधार पर निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए।
देश का सबसे बड़ा IPO बन सकता है
NSE का IPO आकार के मामले में रिकॉर्ड बना सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस इश्यू का अनुमानित आकार करीब 30 हजार करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है। इससे यह भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है।
NSE की अनुमानित वैल्यूएशन भी काफी बड़ी बताई जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लिस्टिंग के बाद NSE देश की शीर्ष कंपनियों में शामिल हो सकता है।
IPO में कंपनी नहीं जुटाएगी नया पैसा
NSE का IPO पूरी तरह **ऑफर फॉर सेल (OFS)** के रूप में आने की संभावना है। यानी कंपनी नए शेयर जारी करके पैसा नहीं जुटाएगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
इससे मिलने वाला पैसा NSE के खाते में नहीं बल्कि शेयर बेचने वाले निवेशकों को जाएगा।
NSE की मजबूत स्थिति
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज भारत का सबसे बड़ा शेयर बाजार प्लेटफॉर्म है। यह इक्विटी, डेरिवेटिव्स और कई अन्य वित्तीय उत्पादों में प्रमुख भूमिका निभाता है।
NSE का निफ्टी 50 इंडेक्स भारतीय बाजार का प्रमुख बेंचमार्क माना जाता है।
कंपनी की मजबूत बाजार हिस्सेदारी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाते हैं।
पुराने विवादों से मिली राहत
NSE की लिस्टिंग में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक को-लोकेशन और डार्क फाइबर से जुड़े पुराने नियामकीय मामले थे। इन मुद्दों के कारण IPO प्रक्रिया लंबे समय तक रुकी रही।
हाल के घटनाक्रमों के बाद इन मामलों में प्रगति हुई है, जिससे IPO का रास्ता साफ हुआ है।
निवेशकों की नजर किन बातों पर रहेगी?
NSE IPO में निवेश करने से पहले निवेशकों को कुछ महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देना होगा—
* IPO का अंतिम प्राइस बैंड
* कंपनी का वैल्यूएशन
* बाजार की स्थिति
* भविष्य की कमाई की क्षमता
* नियामकीय जोखिम
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल लिस्टिंग गेन देखकर निवेश करना सही रणनीति नहीं हो सकती।
बाजार में क्यों है इतनी चर्चा?
NSE भारत के वित्तीय बाजार की रीढ़ मानी जाती है। इसकी लिस्टिंग से आम निवेशकों को पहली बार देश के सबसे बड़े एक्सचेंज में हिस्सेदारी खरीदने का मौका मिलेगा।
यही कारण है कि IPO की घोषणा से पहले ही अनलिस्टेड मार्केट में इसकी मांग बढ़ी हुई दिखाई दे रही है।
Next Story





