
New Delhi नई दिल्ली : 8वें वित्त आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स में बड़ी उम्मीदें बनी हुई हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा वेतन संरचना में खासकर लेवल-1 के कर्मचारियों के लिए दिल्ली जैसे महंगे शहरों में जीवनयापन करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में बेसिक पे और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में सम्मानजनक बढ़ोतरी की मांग की जा रही है।कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों के खर्च को देखते हुए मौजूदा वेतन पर्याप्त नहीं है, जिससे उन्हें आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ता है। इसलिए वे चाहते हैं कि वित्त आयोग इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करे।
गौरतलब है कि 8वें वित्त आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था और इसे अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग को इस अवधि में वेतन और भत्तों से जुड़ी सिफारिशें सरकार को सौंपनी होंगी।इसी बीच कर्मचारी संगठनों ने एक और महत्वपूर्ण मांग उठाई है, जो फैमिली यूनिट से जुड़ी हुई है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार फैमिली यूनिट 3 मानी जाती है, जिसमें कर्मचारी को 1 यूनिट, पत्नी को 0.8 यूनिट और बच्चों को 0.6-0.6 यूनिट माना जाता है।
कर्मचारियों की मांग है कि इसे बढ़ाकर 4.4 यूनिट किया जाए। उनका मानना है कि अगर यह बदलाव लागू होता है, तो फिटमेंट फैक्टर में भी सुधार देखने को मिलेगा और लेवल-1 कर्मचारियों के लिए यह 2.05 से बढ़कर 2.10 तक पहुंच सकता है।कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह बदलाव केवल वेतन बढ़ोतरी नहीं, बल्कि जीवन स्तर सुधारने की दिशा में एक जरूरी कदम होगा। अब सभी की नजरें वित्त आयोग की सिफारिशों पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले महीनों में तय करेगी कि कर्मचारियों की इन मांगों पर कितना ध्यान दिया जाता है।





