काठमांडू। नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 1200 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर सामने आ चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। ऐसे मुश्किल हालात के बीच त्रिशूली क्षेत्र में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो मजदूरों का नौ दिन बाद जिंदा बाहर निकलना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।

बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई इलाकों में संपर्क टूट गया है और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। खासतौर पर हाइड्रोपावर परियोजनाओं में काम करने वाले मजदूरों की तलाश सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से 900 मजदूर लापता

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, नेपाल में 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़े करीब 900 कर्मचारी और मजदूर बाढ़ के बाद लापता हैं।

आशंका जताई जा रही है कि इनमें से करीब 500 मजदूर सुरंगों के अंदर फंसे हो सकते हैं। भारी मलबे, पानी भरने और खराब मौसम के कारण बचाव दलों को इन स्थानों तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

त्रिशूली हाइड्रोपावर टनल में चला रेस्क्यू अभियान

त्रिशूली क्षेत्र में स्थित एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए करीब एक सप्ताह से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा था।

बचाव दलों ने सुरंगों में जमा पानी और मलबे को हटाने का काम शुरू किया। इसी दौरान उन्हें दो मजदूर जीवित मिले।

रेस्क्यू टीम के लिए यह पल बेहद भावुक करने वाला था, क्योंकि लगातार नौ दिनों तक बंद सुरंग में रहने के बाद किसी व्यक्ति का जीवित मिलना बेहद दुर्लभ माना जाता है।

मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया

सुरंग से बाहर निकाले गए दोनों मजदूरों को तुरंत चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। डॉक्टरों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच की।

लंबे समय तक अंधेरे और कठिन परिस्थितियों में रहने के बावजूद दोनों मजदूरों का जिंदा मिलना बचाव अभियान में बड़ी सफलता माना जा रहा है।

बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल में भारी नुकसान

नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा ने कई जिलों में तबाही मचाई है। लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया और कई जगहों पर भूस्खलन हुआ।

कई सड़कें टूट गईं, पुल बह गए और बड़ी संख्या में घरों को नुकसान पहुंचा है। हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

बचाव अभियान में जुटी कई एजेंसियां

आपदा के बाद नेपाल सरकार ने बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है। सेना, पुलिस और स्थानीय बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रहे हैं।

विशेष रूप से सुरंगों और दुर्गम क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

जिंदा बचने की घटना बनी उम्मीद

त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो मजदूरों का सुरक्षित बाहर निकलना इस आपदा के बीच उम्मीद की एक किरण बनकर सामने आया है।

रेस्क्यू टीमों का कहना है कि जब तक सभी संभावित स्थानों की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक तलाश अभियान जारी रहेगा।

लापता लोगों की तलाश जारी

अधिकारियों के मुताबिक, अभी भी बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। कई परिवार अपने परिजनों की तलाश में जुटे हुए हैं।

हाइड्रोपावर परियोजनाओं में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बचाव दल सुरंगों और मलबे वाले क्षेत्रों में सावधानीपूर्वक काम कर रहे हैं।

नेपाल की इस भीषण आपदा के बीच दो मजदूरों का नौ दिन बाद जीवित मिलना राहत और बचाव टीमों के लिए बड़ी सफलता है। इससे उम्मीद जगी है कि कठिन परिस्थितियों में भी कुछ और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है।

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