जंग लगे निशान के साथ थाईलैंड पहुंचा USS अब्राहम लिंकन
अमेरिकी युद्धपोत पहुंचा थाईलैंड मचा चर्चा
थाईलैंड: अमेरिका का परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विमानवाहक युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन करीब 286 दिनों तक समुद्र में तैनाती के बाद थाईलैंड पहुंचा तो उसकी तस्वीरों ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कभी चमकदार दिखने वाला यह विशाल युद्धपोत अब जंग के निशानों, फीके पड़े पेंट और लंबे मिशन की थकान के साथ नजर आया।
करीब 1,100 फीट लंबे इस युद्धपोत पर लगभग 5,000 नाविक और मरीन तैनात हैं। इतने लंबे समय तक लगातार समुद्र में रहने के कारण जहाज के बाहरी हिस्से पर जंग के धब्बे और पेंट के खराब होने के निशान दिखाई दिए। विशेषज्ञों के अनुसार समुद्री वातावरण में लंबे समय तक रहने वाले बड़े जहाजों में इस तरह का क्षरण सामान्य प्रक्रिया है।
USS अब्राहम लिंकन ने अपनी लंबी तैनाती के दौरान मध्य पूर्व क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के अभियानों में भूमिका निभाई। रिपोर्टों के मुताबिक यह मिशन चालक दल के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा, जिसमें लंबे समय तक समुद्र में रहना, सीमित आराम और मानसिक दबाव जैसी परेशानियां सामने आईं।
थाईलैंड के लाम चाबांग बंदरगाह पहुंचने के बाद चालक दल को आराम और पुनः ऊर्जा हासिल करने का मौका मिला। आसपास के पर्यटन क्षेत्र पटाया में हजारों अमेरिकी सैनिकों के पहुंचने से स्थानीय कारोबारियों को भी आर्थिक फायदा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि युद्धपोत की खराब बाहरी हालत देखकर कई लोगों ने सवाल उठाए, लेकिन नौसेना अधिकारियों का कहना है कि लंबे समुद्री अभियान के बाद ऐसा होना सामान्य है और इससे जहाज की सैन्य क्षमता प्रभावित नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि असली चुनौती अब जहाज के रखरखाव और मरम्मत की होगी। USS अब्राहम लिंकन की यह तस्वीर अमेरिकी नौसेना के लंबे अभियानों, जहाजों पर पड़ने वाले दबाव और हजारों सैनिकों की कठिन ड्यूटी को दिखाती है।