क्रिप्टो एक्सचेंजों पर अमेरिका का शिकंजा, ईरान से जुड़ा है फंडिंग मामला

Update: 2026-08-08 06:47 GMT
Washington:वॉशिंगटन: अमेरिका ने दो डिजिटल एसेट एक्सचेंज और कंपनियों के एक नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाए हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने ईरान को अरबों डॉलर की मनी लॉन्ड्रिंग करने, प्रतिबंधों से बचने और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को मदद करने में सहायता की।
इस कार्रवाई में ईरान, जॉर्जिया, पोलैंड और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में मौजूद छह संस्थाओं और एक व्यक्ति को निशाना बनाया गया है। यह कदम स्टेट डिपार्टमेंट द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर ईरानी हमलों के रूप में बताए गए
घटनाक्रम के बाद उठाया
गया है।
स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा कि तेहरान अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली तक अपनी पहुंच बनाए रखने के लिए डिजिटल एसेट एक्सचेंज का इस्तेमाल करता है। विभाग ने कहा कि इन प्रतिबंधों का मकसद ईरान को उन संसाधनों से वंचित करना है जिनका इस्तेमाल वह पड़ोसी देशों को धमकाने, आतंकवाद को बढ़ावा देने और अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए करता है।
ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने सियावश कयवानपुर की पहचान एक ऐसे मल्टीनेशनल नेटवर्क के ऑपरेटर के तौर पर की है जो गैर-कानूनी डिजिटल करेंसी गतिविधियों में मदद करता है। विभाग के अनुसार, कयवानपुर का जन्म ईरान में हुआ था, उनके पास डोमिनिका और अफगानिस्तान की अतिरिक्त नागरिकता है और वे UAE में रह चुके हैं।
ट्रेजरी के मुताबिक, कयवानपुर जॉर्जिया स्थित कंपनी SHPS Shelbit के जरिए Shelbit Exchange चलाते हैं। विभाग ने बताया कि IRGC से जुड़े डिजिटल करेंसी एड्रेस से Shelbit के एड्रेस पर 1 मिलियन डॉलर से अधिक की संपत्ति भेजी गई, जबकि Shelbit से IRGC के एड्रेस पर 2 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि भेजी गई।
कयवानपुर के स्वामित्व या नियंत्रण वाले एड्रेस से नोबिटेक्स (Nobitex) को भी 2 मिलियन डॉलर से अधिक की डिजिटल संपत्ति भेजी गई; नोबिटेक्स एक ईरानी एक्सचेंज है जिस पर पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंध लगे हुए हैं।
ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा, "ईरानी सरकार का डिजिटल एसेट और शैडो बैंकिंग नेटवर्क पर निर्भर रहना इस बात का और सबूत है कि 'इकोनॉमिक फरी' (आर्थिक दबाव की नीति) काम कर रही है।"
"हम आर्थिक दबाव बढ़ाना जारी रखेंगे। चाहे डॉलर हो, रियाल हो या क्रिप्टो, ट्रेजरी उन गैर-कानूनी वित्तीय नेटवर्कों का पता लगाकर उन्हें खत्म करेगी जो इस सरकार को बनाए रखने में मदद करते हैं।"
ट्रेजरी ने बताया कि Shelbit फारसी भाषा वाले एक बड़े ऑनलाइन जुआ नेटवर्क को सेवाएं देता है। आरोप है कि उस ऑपरेशन से जुड़ी करोड़ों डॉलर की डिजिटल संपत्ति को इस एक्सचेंज के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए ठिकाने लगाया गया।
इन प्रतिबंधों में UAE स्थित Shelbit General Trading LLC, Crypto Home DMCC और NFT Home DMCC भी शामिल हैं। पोलैंड स्थित Shelbit Technologies Ltd को भी प्रतिबंधित सूची में डाला गया।
ट्रेजरी ने बताया कि UAE की वर्चुअल एसेट्स रेगुलेटरी अथॉरिटी ने जनवरी 2025 और जुलाई 2026 में Shelbit General Trading के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई की थी। इसने जनवरी 2025 में 'क्रिप्टो होम' के खिलाफ भी कार्रवाई की।
OFAC ने अलग से ईरान में मौजूद एक्सचेंज 'अबान टेथर' पर प्रतिबंध लगाए। इस एक्सचेंज पर नोबिटेक्स और पहले से प्रतिबंधित अन्य एक्सचेंजों (जैसे वॉलेक्स, बिटपिन और रामज़िनेक्स) के साथ मिलकर लाखों डॉलर के ट्रांज़ैक्शन करने का आरोप है।
स्टेट डिपार्टमेंट का 'रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस' प्रोग्राम IRGC के फाइनेंशियल सिस्टम को बाधित करने में मदद करने वाली जानकारी के लिए 15 मिलियन डॉलर तक का इनाम दे रहा है। यह प्रोग्राम प्रतिबंधों से बचने वाले नेटवर्क, फ्रंट कंपनियों, एक्सचेंज हाउस, कमाई के ज़रिया और ईरान समर्थित हथियारबंद समूहों को किए जाने वाले ट्रांसफर के बारे में जानकारी मांग रहा है।
IRGC की स्थापना 1979 की ईरानी क्रांति के बाद देश की सेना की एक शाखा के तौर पर की गई थी। अमेरिका ने अप्रैल 2019 में इसे 'विदेशी आतंकवादी संगठन' घोषित किया था और इससे पहले अमेरिकी आतंकवाद-रोधी अधिकारियों ने इसे 'विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी' का दर्जा दिया था।
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