इस्लामाबाद। पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी **पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI)** के प्रस्तावित देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और मार्च से पहले राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। 27 सितंबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले इमरान खान के परिवार के सदस्यों और पार्टी कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लिए जाने की खबरों के बाद विवाद खड़ा हो गया है।मानवाधिकार संगठन **एमनेस्टी इंटरनेशनल** ने इन कार्रवाइयों पर चिंता जताते हुए कहा है कि शांतिपूर्ण विरोध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने जताई चिंता
एमनेस्टी इंटरनेशनल के दक्षिण एशिया के डिप्टी रीजनल डायरेक्टर **बाबू राम पंत** ने कहा कि इमरान खान के परिवार और PTI कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना उनके मौलिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाइयां पाकिस्तान में नागरिक स्वतंत्रताओं पर बढ़ती पाबंदियों को दर्शाती हैं।पंत ने कहा कि PTI कार्यकर्ताओं की हिरासत पार्टी द्वारा 27 सितंबर को आयोजित किए जाने वाले विरोध प्रदर्शन से पहले हुई है। उन्होंने अधिकारियों से शांतिपूर्ण सभा के अधिकार का सम्मान करने की अपील की।
प्रदर्शन रोकने की तैयारी के आरोप
एमनेस्टी इंटरनेशनल के प्रतिनिधि ने कहा कि प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही उसे हिंसक मानना उचित नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से अपील की कि वह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करे।उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गैर-कानूनी उपायों और अत्यधिक बल प्रयोग से बचना चाहिए।
इमरान खान की बहनों को हिरासत में लेने का दावा
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इमरान खान की बहनों **उज़मा खान और नरीन नियाज़ी** को सोमवार को 30 दिनों के लिए हिरासत में लिया गया।रिपोर्टों के मुताबिक, इससे पहले इमरान खान की बहन **अलीमा खान** को भी हिरासत में लिया गया था।ये कार्रवाई लाहौर के डिप्टी कमिश्नर द्वारा जारी आदेशों के तहत की गई बताई जा रही है।
सार्वजनिक व्यवस्था कानून के तहत कार्रवाई
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लाहौर प्रशासन ने **पंजाब मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर ऑर्डिनेंस, 1960** के तहत उज़मा खान और नरीन नियाज़ी की हिरासत का आदेश जारी किया।आदेश में कहा गया कि दोनों व्यक्तियों को सार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर हिरासत में लिया गया है।रिपोर्टों के अनुसार, दोनों को लाहौर की **कोट लखपत सेंट्रल जेल** में रखा गया है।
अलीमा खान और ड्राइवर भी हिरासत में
इससे पहले रविवार को लाहौर प्रशासन की ओर से अलीमा खान को भी इसी कानून के तहत 30 दिनों के लिए हिरासत में रखने का आदेश जारी किया गया था।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अलीमा खान के ड्राइवर **मुहम्मद अमीर** को भी 30 दिनों के लिए हिरासत में रखने का आदेश दिया गया।
PTI ने कार्रवाई का किया विरोध
PTI के चेयरमैन **गोहर अली खान** ने इन हिरासतों की आलोचना की है। उन्होंने इसे स्थिति को और खराब करने वाला कदम बताया।उन्होंने कहा कि पार्टी का रुख शांतिपूर्ण है और उन्होंने अलीमा खान सहित हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग की।PTI नेताओं का कहना है कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठाना चाहती है और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ाई गई
प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की खबरें हैं।प्रशासन की ओर से संभावित भीड़ और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कई तैयारियां की जा रही हैं।
पाकिस्तान में जारी राजनीतिक तनाव
इमरान खान और PTI लंबे समय से पाकिस्तान की राजनीति के केंद्र में रहे हैं। पार्टी और सरकार के बीच टकराव के कारण कई बार विरोध प्रदर्शन और प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली है।हालिया हिरासतों के बाद एक बार फिर पाकिस्तान में राजनीतिक अधिकारों, विरोध प्रदर्शन की स्वतंत्रता और कानून-व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है।
आगे की स्थिति पर नजर
27 सितंबर के प्रस्तावित PTI प्रदर्शन को लेकर अब प्रशासन और पार्टी दोनों की गतिविधियों पर नजर बनी हुई है।जहां सरकार की ओर से सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है, वहीं PTI और मानवाधिकार संगठनों ने शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को लेकर सवाल उठाए हैं। आने वाले दिनों में पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिति पर इसका असर देखने को मिल सकता है।