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सऊदी अरब ने क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए शुरू की कूटनीतिक पहल
Ratna Netam
21 Sept 2026 8:42 PM IST

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रियाद। सऊदी अरब ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने सोमवार को कुवैत, मिस्र और तुर्की के अपने समकक्षों के साथ फोन पर बातचीत की। इन वार्ताओं का उद्देश्य क्षेत्रीय घटनाक्रम की समीक्षा करना और तनाव कम करने के लिए राजनयिक प्रयासों में समन्वय स्थापित करना था।सऊदी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म **X** पर जारी बयान में बताया कि प्रिंस फैसल ने कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबा, मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलत्ती और तुर्की के विदेश मंत्री हकन फिदान से अलग-अलग बातचीत की।
क्षेत्रीय हालात पर हुई चर्चा
सऊदी विदेश मंत्रालय के अनुसार, बातचीत के दौरान नेताओं ने क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों का आकलन किया। इसके साथ ही बढ़ते तनाव को नियंत्रित करने और क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए संयुक्त प्रयासों पर चर्चा की गई।बयान में कहा गया कि इन फोन कॉल्स का उद्देश्य क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए राजनयिक कदमों को मजबूत करना था।
हूथी विद्रोहियों के साथ जारी तनाव
यह कूटनीतिक पहल ऐसे समय में हुई है जब सऊदी अरब और यमन के हूथी विद्रोहियों के बीच तनाव बना हुआ है।यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष में सऊदी अरब और हूथी समूह के बीच सैन्य गतिविधियां और आरोप-प्रत्यारोप सामने आते रहे हैं। क्षेत्रीय देशों की कोशिश है कि तनाव को बढ़ने से रोका जाए और सुरक्षा स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
हूथी प्रवक्ता ने लगाए हवाई हमलों के आरोप
इससे पहले हूथी विद्रोहियों के प्रवक्ता याह्या सरी ने सऊदी अरब पर यमन में हवाई हमले करने का आरोप लगाया था।याह्या सरी ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर जारी बयान में दावा किया कि पिछले 24 घंटों में सऊदी बलों ने यमन के कई इलाकों में 28 हवाई हमले किए।उन्होंने दावा किया कि इन हमलों में ताइज़, अल-जौफ़ और मारिब क्षेत्रों को निशाना बनाया गया।
हूथी समूह का दावा
हूथी प्रवक्ता ने कहा कि इन हमलों के लिए सऊदी लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने दावा किया कि खमीस मुशैत और ताइफ़ एयरबेस से उड़ान भरने वाले F-15 और टाइफून विमानों के जरिए ये कार्रवाई की गई।याह्या सरी ने यह भी दावा किया कि सऊदी कार्रवाई शुरू होने के बाद से हवाई हमलों की संख्या बढ़कर 760 हो गई है।हालांकि, हूथी समूह के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
कुवैत मिस्र और तुर्की की भूमिका
सऊदी अरब ने जिन तीन देशों से बातचीत की, वे क्षेत्रीय कूटनीति में महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं।कुवैत लंबे समय से मध्य पूर्व के विवादों में मध्यस्थता के प्रयासों के लिए जाना जाता है। वहीं, मिस्र और तुर्की भी क्षेत्रीय सुरक्षा और राजनीतिक मामलों में प्रभाव रखने वाले देश हैं।इन देशों के साथ बातचीत के जरिए सऊदी अरब क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर चिंता
मध्य पूर्व में किसी भी सैन्य तनाव का असर क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। इसी कारण कई देश तनाव कम करने और बातचीत के माध्यम से समाधान तलाशने पर जोर देते हैं।सऊदी अरब की हालिया कूटनीतिक गतिविधियों को भी इसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।
राजनयिक प्रयासों पर नजर
सऊदी विदेश मंत्री की बातचीत के बाद अब क्षेत्रीय घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कूटनीतिक प्रयासों का क्षेत्रीय तनाव पर क्या असर पड़ता है।फिलहाल सऊदी अरब ने बातचीत और समन्वय के जरिए स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश तेज कर दी है, जबकि यमन में जारी गतिविधियों को लेकर विभिन्न पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
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