ईरान पर हमलों से लेकर मानवाधिकार उल्लंघन तक UN रिपोर्ट में खुलासा
UN रिपोर्ट में बड़ा दावा
जेनेवा : संयुक्त राष्ट्र की एक जांच रिपोर्ट ने ईरान संघर्ष को लेकर बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका की ओर से ईरान में किए गए दो सैन्य हमलों में युद्ध अपराध की आशंका के पर्याप्त आधार मिले हैं। वहीं दूसरी ओर ईरानी सरकार पर भी विरोध प्रदर्शनों को दबाने के दौरान मानवाधिकार उल्लंघन और मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप लगाए गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र समर्थित स्वतंत्र जांच मिशन के अनुसार, फरवरी 2026 में ईरान में हुए कुछ हवाई हमलों की जांच की गई। जांचकर्ताओं ने कहा कि कुछ हमलों में नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुंचा और बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई। रिपोर्ट में दावा किया गया कि इन घटनाओं की परिस्थितियां अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन की ओर इशारा करती हैं। रिपोर्ट में जिन घटनाओं का जिक्र किया गया है, उनमें एक स्कूल और एक खेल परिसर से जुड़े हमले शामिल हैं। जांचकर्ताओं ने कहा कि इन हमलों में नागरिकों के प्रभावित होने के कारण युद्ध अपराध की संभावना की जांच जरूरी है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने नागरिकों को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है।
ईरान सरकार पर भी गंभीर आरोप
संयुक्त राष्ट्र मिशन ने अपनी रिपोर्ट में ईरानी अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई, गिरफ्तारियों और कथित दमन की घटनाओं को लेकर मानवता के खिलाफ अपराध की आशंका जताई गई है। जांचकर्ताओं ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग, हिरासत और अन्य कथित उल्लंघनों की घटनाओं की जांच की गई। रिपोर्ट में दोनों पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जवाबदेही तय करने और पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा करने की अपील की गई है।
अमेरिका ने रिपोर्ट पर जताई आपत्ति
रिपोर्ट सामने आने के बाद अमेरिकी पक्ष ने संयुक्त राष्ट्र जांच के निष्कर्षों को खारिज किया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनकी सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य सुरक्षा खतरे को खत्म करना था और नागरिकों को निशाना बनाने की नीति नहीं थी। वहीं ईरान ने भी कई अंतरराष्ट्रीय आरोपों को खारिज करते हुए अपनी कार्रवाई को देश की सुरक्षा से जुड़ा कदम बताया है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच यह रिपोर्ट कूटनीतिक स्तर पर नई बहस को जन्म दे सकती है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
अमेरिका-ईरान विवाद, क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों और मानवाधिकार मुद्दों के बीच मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र की यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब क्षेत्र में सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयासों पर दुनिया की नजर है।