लाहौर। पाकिस्तान के लाहौर शहर में बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां तीन मंजिला इमारत गिरने से एक ही परिवार के कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। हादसा लाहौर के हरबंसपुरा इलाके में हुआ, जो कम आय वाले लोगों की घनी आबादी वाला क्षेत्र माना जाता है। इमारत गिरने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत एवं बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का काम शुरू किया। कई घंटे तक चले राहत अभियान के दौरान मलबे से लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन कई लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।
अचानक ढह गई तीन मंजिला इमारत
जानकारी के अनुसार, हरबंसपुरा इलाके में स्थित यह तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। घटना के समय इमारत के अंदर कई लोग मौजूद थे। देखते ही देखते पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई और परिवार के कई सदस्य उसके नीचे दब गए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आसपास रहने वाले लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन को इसकी सूचना दी।
एक ही परिवार के लोगों की मौत
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे में मारे गए 11 लोग एक ही परिवार के सदस्य थे। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल होने की बात सामने आई है। हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।
परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई। कई लोग अपने परिजनों की तलाश में घटनास्थल पर पहुंचे।
बचाव अभियान में जुटीं टीमें
घटना के बाद पाकिस्तान की आपातकालीन सेवा और बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर अभियान शुरू किया। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया गया और दबे हुए लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की गई।
बचावकर्मियों ने बताया कि इमारत के मलबे में फंसे लोगों को निकालना चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि ढांचा पूरी तरह गिर चुका था। राहत कार्य के दौरान सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया।
इमारत की मजबूती पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद इलाके में पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पाकिस्तान के कई शहरों में घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसी इमारतें मौजूद हैं, जिनकी स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कमजोर इमारतों की समय पर जांच और मरम्मत नहीं होने के कारण इस तरह के हादसों का खतरा बना रहता है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इमारत गिरने की वजह क्या थी। प्रारंभिक जांच में इमारत की संरचनात्मक कमजोरी या रखरखाव की कमी जैसी संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है। वहीं, अधिकारियों ने इलाके में अन्य कमजोर इमारतों की जांच कराने के संकेत दिए हैं।
इलाके में पसरा मातम
घटना के बाद हरबंसपुरा इलाके में मातम का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुटे और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। पड़ोसियों ने बताया कि मृतक परिवार लंबे समय से इस इलाके में रह रहा था और स्थानीय लोगों से उनके अच्छे संबंध थे।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर घनी आबादी वाले इलाकों में भवन सुरक्षा और निर्माण मानकों के पालन की जरूरत को उजागर कर दिया है। प्रशासन के सामने अब न केवल पीड़ित परिवारों को मदद पहुंचाने की चुनौती है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की भी जिम्मेदारी है।