नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर यहूदी समुदाय के हनुक्का समारोह के दौरान हुए भीषण आतंकी हमले के बाद इंसानियत और साहस की एक मिसाल सामने आई है. प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने अस्पताल जाकर अहमद अल-अहमद से मुलाकात की, जिन्होंने जान की परवाह किए बिना आतंकवादी से राइफल छीनकर कई लोगों की जान बचाई थी.
प्रधानमंत्री अल्बनीज ने अहमद को 'ऑस्ट्रेलियाई हीरो' बताते हुए कहा, "अहमद, आप एक सच्चे ऑस्ट्रेलियाई नायक हैं. आपने दूसरों की जान बचाने के लिए खुद को खतरे में डाला, बॉन्डी बीच पर खतरे की ओर दौड़े और एक आतंकवादी को निहत्था किया."
सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अल्बनीज ने लिखा, "सबसे बुरे समय में हम ऑस्ट्रेलियाई लोगों का सबसे अच्छा रूप देखते हैं. रविवार रात भी ऐसा ही हुआ. हर ऑस्ट्रेलियाई की ओर से मैं आपको धन्यवाद कहता हूं."
इस हमले में सिडनी के पिता-पुत्र साजिद अकरम और नावीद अकरम को हमलावर के तौर पर पहचाना गया है. हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत हुई. पुलिस के मुताबिक, साजिद अकरम को मौके पर ही मार गिराया गया, जबकि उसका 24 वर्षीय बेटा नावीद अकरम अस्पताल में गंभीर लेकिन स्थिर हालत में है.
प्रधानमंत्री अल्बनीज ने यह भी पुष्टि की कि ऑस्ट्रेलिया की डोमेस्टिक खुफिया एजेंसी ASIO ने 2019 में नावीद अकरम से पूछताछ की थी. अल्बनीज के अनुसार, अक्टूबर 2019 में नावीद की कुछ संदिग्ध लोगों से संगत के चलते जांच की गई थी, जो करीब छह महीने चली. उस वक्त उसे तत्काल खतरा नहीं माना गया था.
इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या हमले को रोका जा सकता था. वहीं, सरकार ने गन कानूनों को और सख्त करने के संकेत दिए हैं. पीएम अल्बनीज और राज्यों के नेताओं ने साफ किया कि देशभर में हथियार लाइसेंस और हथियारों की संख्या को लेकर नियमों में एकरूपता लाई जाएगी, खासतौर पर तब जब यह सामने आया कि हमलावर के पास कानूनी रूप से छह हथियार थे.
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