खतरनाक अपराधी पर कसा कानून का शिकंजा, डॉक्टर की घिनौनी करतूत!

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Update: 2026-03-07 04:43 GMT
नई दिल्ली: डिजिटल दुनिया के अंधेरे कोनों में छिपकर मासूमों को फंसाने वाले एक खतरनाक अपराधी को अंततः कानून के लंबे हाथों ने दबोच लिया है. एफबीआई (FBI) ने एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कामयाबी हासिल करते हुए 28 वर्षीय बांग्लादेशी नागरिक जोबैदुल अमीन को मलेशिया से गिरफ्तार कर अलास्का पहुंचा दिया है.
अमीन पर सैकड़ों किशोरियों को सोशल मीडिया के जरिए अपनी जाल में फंसाने, उनका यौन शोषण करने और उन्हें ब्लैकमेल करने के बेहद गंभीर आरोप हैं. अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार, जोबैदुल अमीन मलेशिया में रहकर चिकित्सा (Medicine) की पढ़ाई कर रहा था. वहीं से उसने सोशल मीडिया पर अपनी फर्जी पहचान बनाई. वह अक्सर खुद को एक किशोर के रूप में पेश करता था ताकि अमेरिकी किशोरियों का भरोसा जीत सके. एक बार संपर्क होने के बाद, वह चालाकी से उन्हें अपनी आपत्तिजनक तस्वीरें भेजने के लिए मजबूर करता था.
जैसे ही कोई पीड़ित तस्वीर भेज देती, अमीन का असली चेहरा सामने आ जाता. वह उन तस्वीरों का उपयोग करके पीड़ितों को और अधिक फोटो भेजने के लिए ब्लैकमेल करता था. वह धमकी देता था कि यदि उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वह उन तस्वीरों को उनके परिवार, दोस्तों और सोशल मीडिया फॉलोअर्स के बीच साझा कर देगा.
अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार, अमीन केवल ब्लैकमेल ही नहीं करता था, बल्कि वह अपनी इस क्रूरता का आनंद लेता था. उसने शेखी बघारी थी कि उसकी वजह से कई लड़कियां आत्महत्या और आत्म-नुकसान (Self-harm) की कगार पर पहुंच गईं.
उसने सैकड़ों पीड़ितों के वीडियो और तस्वीरें इंटरनेट पर साझा कीं और अन्य अपराधियों को भी ऐसा करने के लिए उकसाया. इस घृणित चक्र को रोकने के लिए उसने पीड़ितों के सामने एक और भयानक शर्त रखी थीकि वे उसे नई शिकार (पीड़ित) ढूंढ कर दें.
मलेशिया में बैठे अमीन को लगता था कि अमेरिकी कानून उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता. उसने एक पीड़िता से यहां तक कहा था कि "पुलिस मेरा कुछ नहीं कर सकती क्योंकि मैं तुम्हारे आसपास नहीं रहता." हालांकि, 2022 में अलास्का की एक 14 वर्षीय लड़की की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच ने उसकी इस गलतफहमी को दूर कर दी. एफबीआई और मलेशियाई अधिकारियों के आपसी सहयोग से उसे मलेशिया से निष्कासित करवाया गया, जिसके बाद एफबीआई ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया.
एफबीआई निदेशक काश पटेल ने इस मामले पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि बच्चों का शोषण करने वाला अपराधी दुनिया के किसी भी कोने में हो, हमारी प्रतिबद्धता उसे ढूंढ निकालने की है. अमीन ने फिलहाल अदालत में खुद को निर्दोष बताया है, लेकिन उसे सुनवाई पूरी होने तक हिरासत में रखने का आदेश दिया गया है.
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