वॉशिंगटन: अमेरिका लंबी दूरी की हवाई लड़ाई में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए एक नई एयर-टू-एयर मिसाइल का परीक्षण कर रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी नौसेना की नई मिसाइल को AIM-424 Malice नाम दिया गया है। दावा है कि इसकी मारक क्षमता 290 मील यानी करीब 465 किलोमीटर से अधिक है। इतनी लंबी दूरी इसे विकसित की जा रही सबसे शक्तिशाली एयर-टू-एयर मिसाइलों में शामिल करती है। इस मिसाइल को Raytheon ने विकसित किया है। इसका उद्देश्य अमेरिकी लड़ाकू विमानों को दुश्मन के विमान के खतरनाक दायरे में पहुंचे बिना काफी दूर से लक्ष्य को निशाना बनाने की क्षमता देना है। फिलहाल इसकी टेस्टिंग चल रही है और परीक्षणों के जरिए इसके प्रदर्शन तथा ऑपरेशनल क्षमताओं को परखा जा रहा है।

नई मिसाइल की सबसे महत्वपूर्ण खासियत केवल इसकी रेंज नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार इसका आकार मौजूदा AIM-120 AMRAAM के आसपास रखा गया है। इसका फायदा यह होगा कि इसे अमेरिका के F-35 और F-22 जैसे स्टील्थ लड़ाकू विमानों के इंटरनल वेपन बे में रखा जा सकेगा। यानी विमान अपनी स्टील्थ क्षमता बनाए रखते हुए लंबी दूरी की मिसाइल लेकर उड़ान भर सकेंगे। मिसाइल की लंबाई करीब 13.5 फीट यानी 4.11 मीटर और व्यास लगभग 13.5 इंच बताया गया है। इसका वजन करीब 680 किलोग्राम है, जबकि विंगस्पैन लगभग 26.2 इंच है। यह सॉलिड-प्रोपेलेंट रॉकेट से संचालित होती है और ब्लास्ट-फ्रैगमेंटेशन वारहेड ले जाने की क्षमता रखती है।
अमेरिकी नौसेना इस लंबी दूरी की एयर-टू-एयर क्षमता को भविष्य की हवाई लड़ाई के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रही है। ऐसी मिसाइल लड़ाकू विमानों को दूर से ही बॉम्बर, टैंकर या कमांड-एंड-कंट्रोल जैसे महत्वपूर्ण विमानों के खिलाफ कार्रवाई करने का विकल्प दे सकती है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की मिसाइल का एक अहम इस्तेमाल अमेरिकी नौसैनिक बेड़े की सुरक्षा में भी हो सकता है। लंबी दूरी से एंटी-शिप क्रूज मिसाइल दागने वाले दुश्मन के बॉम्बर विमानों को जहाजों के करीब पहुंचने से पहले निशाना बनाने की क्षमता नौसेना के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकती है।
अमेरिका पहले से ही अगली पीढ़ी की AIM-260 JATM मिसाइल पर भी काम कर रहा है। AIM-260 को मौजूदा AIM-120 AMRAAM के उत्तराधिकारी के रूप में विकसित किया जा रहा है और यह भी लंबी दूरी की हवाई लड़ाई के लिए तैयार की जा रही है। हालांकि AIM-260 की वास्तविक अधिकतम रेंज से जुड़ी विस्तृत जानकारी गोपनीय रखी गई है। नई मिसाइलों के विकास के पीछे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बदलती सैन्य चुनौती भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइलें आधुनिक हवाई युद्ध में लड़ाकू विमानों को पहले हमला करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने का फायदा दे सकती हैं।
फिलहाल AIM-424 Malice परीक्षण के दौर में बताई जा रही है। इसलिए इसकी 465 किलोमीटर से अधिक की बताई गई रेंज और दूसरी क्षमताओं को वास्तविक ऑपरेशनल तैनाती के नतीजों से अलग समझना जरूरी है। परीक्षण सफल रहने के बाद यह अमेरिका की लंबी दूरी की हवाई युद्ध और नौसैनिक बेड़े की रक्षा क्षमता को महत्वपूर्ण बढ़त दे सकती है।
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