तालिबान ने पंजशीर के विद्रोही नेता अहमद मसूद से ईरान में मुलाकात का दावा किया है। अहमद मसूद के नेतृत्‍व में नैशनल रेजिस्‍टेंस फ्रंट (एनआरएफ) के लड़ाके पंजशीर घाटी में अभी भी तालिबान के ऊपर लगातार हमले कर रहे हैं। तालिबान ने दावा किया कि उसने हेरात के पूर्व गवर्नर से इस्‍माइल खान से भी मुलाकात की है। इस बीच एनआरएफ ने ऐसी किसी भी मुलाकात का खंडन किया है।

तालिबान ने एक बयान जारी कर कहा कि उसके विदेश मंत्री अमीर खान मुत्‍ताकी ने अहमद मसूद से मुलाकात की है। मुत्‍ताकी ने यह भी दावा किया कि सभी अफगान लोग अपने देश में वापसी के लिए स्‍वतंत्र हैं जहां उनका स्‍वागत है। दावा किया जा रहा है कि ईरान के दौरे पर पहुंचे तालिबानी विदेश मंत्री और मसूद के बीच ईरानी सेना ने मध्‍यस्‍थता करके मुलाकात कराई है। तालिबान के प्रवक्‍ता जबीउल्‍ला ने इस संबंध में ट्वीट करके जानकारी दी है।
विद्रोहियों ने तालिबान से मुलाकात का किया खंडन
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान अहमद मसूद और तालिबान के बीच समझौता कराना चाहता है। हालांकि यह पाकिस्‍तान को पसंद आएगा या नहीं, यह कहा नहीं जा सकता है। इस बीच विद्रोहियों का दावा है कि ऐसी कोई मुलाकात ईरान में अहमद मसूद और तालिबान के बीच नहीं हुई है। एनआरएफ के प्रवक्‍ता सिबघतुल्‍लाह अहमदी ने कहा कि तेहरान में दोनों के बीच कोई मुलाकात नहीं हुई है। तालिबानी विदेश मंत्री इस समय ईरान के अहम दौरे पर पहुंचे हैं।
इससे पहले बीते साल लड़ाई के दौरान तालिबानी आतंकियों ने अफगानिस्‍तान में विद्रोहियों के गढ़ पंजशीर घाटी पर कब्‍जा कर लिया था। हालांकि विद्रोहियों ने तालिबान के दावे को खारिज किया था और कहा था कि वे अभी भी पहाड़ों पर रणनीतिक रूप से अहम मोर्चों पर मौजूद हैं। तालिबान ने एक वीडियो जारी करके बताया था कि उसके लड़ाके अहमद मसूद के घर में घुस गए हैं। बताया जा रहा है कि अहमद मसूद तालिबानी खतरे को देखते हुए ताजिकिस्‍तान चले गए थे और अब वहीं रह रहे हैं।
मसूद समर्थकों के नियंत्रण में घाटी का पूरा इलाका
विद्रोहियों के गुट एंटी रेजिस्‍टेंस फोर्स ने प्रण किया है कि वे पंजशीर घाटी में आगे भी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्‍होंने कहा कि अभी भी हमारा घाटी में रणनीतिक रूप से महत्‍वपूर्ण ठिकानों पर कब्‍जा बरकरार है। उन्‍होंने कहा कि तालिबान और उनके सहयोगियों के खिलाफ उनका संघर्ष भविष्‍य में भी जारी रहेगा। पंजशीर की 70 फीसदी सड़कें और घाटी के रास्‍ते तालिबान के नियंत्रण में आ गई हैं लेकिन अभी भी घाटी का पूरा इलाका मसूद समर्थकों के नियंत्रण में है।तालिबानी विदेश मंत्री और अहमद मसूद में पहली बार मुलाकात

 


Tags: