ईरान परमाणु वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड यात्रा स्थगित, JD वेंस नहीं जाएंगे
Washington वाशिंगटन : हाउस ने जानकारी दी है कि अमेरिका के डिप्टी जेडी वेंस गुरुवार को जापान नहीं जाएंगे, जहां ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत का नया दौर होने वाला था। यह निर्णय बातचीत लॉजिस्टिक लॉजिस्टिक्स से जुड़े कारणों से ली गई है। इस बैठक का उद्देश्य एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से घोषणा की गई थी।
व्हाइट हाउस के बयान के अनुसार, यह बातचीत तकनीकी स्तर पर उस समझौते को आगे बढ़ाने के लिए प्रस्तावित थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को अंतिम रूप दिया जाना था। इनमें निगरानी व्यवस्था, क्रियान्वयन प्रक्रिया और अन्य तकनीकी पहलुओं पर चर्चा शामिल थी। लेकिन फिलहाल इन तकनीकी वार्ताओं की योजना पूरी तरह से अंतिम रूप में तैयार नहीं हो सकी है, जिसकी वजह से कार्यक्रम में बदलाव किया गया है।
बयान में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पूरी तरह तैयार है और जैसे ही बातचीत के लिए उपयुक्त अवसर मिलेगा, टीम तुरंत रवाना हो जाएगी। अमेरिका का कहना है कि वह इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर बातचीत के लिए तैयार है।
यह प्रस्तावित बैठक ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े उस व्यापक कूटनीतिक प्रयास का हिस्सा थी, जिसके तहत हाल ही में हुए समझौते के बाद उसके तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं को स्पष्ट किया जाना था। इस प्रक्रिया में कई देशों की निगरानी और भागीदारी भी शामिल बताई जा रही है, ताकि समझौते को लागू करने में पारदर्शिता और स्थिरता बनी रहे।
सूत्रों के अनुसार, पिछले समझौते के बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि स्विट्जरलैंड में होने वाली इस बैठक में आगे की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। लेकिन तकनीकी तैयारी पूरी न होने और यात्रा व्यवस्था से जुड़ी दिक्कतों के कारण यह दौर फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
व्हाइट हाउस ने यह स्पष्ट किया है कि यह निर्णय बातचीत को रोकने के लिए नहीं लिया गया है, बल्कि केवल समय और तैयारी से जुड़ी समस्याओं के कारण किया गया है। अमेरिका का कहना है कि वह सभी संबंधित पक्षों के साथ संपर्क में है और जैसे ही स्थिति अनुकूल होगी, वार्ता प्रक्रिया को फिर से आगे बढ़ाया जाएगा।
इस घटनाक्रम के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस बातचीत पर नजर बनी हुई है, क्योंकि यह समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा और परमाणु नीति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि फिलहाल इस देरी को स्थायी बाधा नहीं माना जा रहा है, लेकिन इससे प्रक्रिया की गति प्रभावित हो सकती है।
व्हाइट हाउस ने अंत में दोहराया कि अमेरिका का उद्देश्य बातचीत के जरिए समाधान निकालना है और वह इस दिशा में अपने प्रयास जारी रखेगा।