इमरान खान की सेहत पर सस्पेंस, बेटे ने जताई चिंता, मांगी तुरंत मेडिकल सुविधा
वर्ल्ड: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान की स्थिति को लेकर उनके परिवार और समर्थकों की चिंताएं लगातार गहराती जा रही हैं। रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में बंद इमरान खान को लेकर उनके बेटे कासिम खान ने एक गंभीर बयान जारी किया है। कासिम खान ने दावा किया है कि उनके पिता को इस समय तत्काल चिकित्सीय सहायता (मेडिकल मदद) की सख्त जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने वैश्विक मंच पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है ताकि उनके पिता के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कासिम खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपनी व्यथा और पिता के स्वास्थ्य को लेकर जताई जा रही आशंकाओं को व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि उनके पिता को जेल में बंद हुए लगभग 1,100 दिन हो चुके हैं, लेकिन लंबे समय से परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। कासिम ने कहा कि उन्होंने और उनके भाई ने इस साल मार्च महीने के बाद से अपने पिता की आवाज तक नहीं सुनी है। पिछले कई महीनों से प्रशासन द्वारा परिवार को न तो उनसे मिलने दिया जा रहा है और न ही किसी तरह से संवाद स्थापित करने की अनुमति दी जा रही है। ऐसे में जेल के भीतर से उनकी सेहत को लेकर कोई आधिकारिक या स्पष्ट अपडेट न मिलना किसी बड़ी अनहोनी की ओर इशारा करता है।
उल्लेखनीय है कि क्रिकेटर से राजनेता बने 71 वर्षीय इमरान खान को 5 अगस्त 2023 को उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब इस्लामाबाद की एक ट्रायल कोर्ट ने उन्हें तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराया था। इसके बाद से ही वे लगातार रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। पहली गिरफ्तारी के बाद से उनके खिलाफ कई अन्य मामले दर्ज किए गए और विभिन्न अदालतों द्वारा अन्य मामलों में भी सजाएं सुनाई गईं, जिसके चलते उनकी रिहाई का मार्ग जटिल होता चला गया।
इमरान खान के परिवार और उनकी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि जेल प्रशासन और पाकिस्तान सरकार जानबूझकर इमरान खान को बुनियादी मानवाधिकारों और उचित स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रख रही है। परिवार का कहना है कि इतने लंबे समय तक बिना किसी उचित मेडिकल जांच और बाहरी संपर्क के एक वरिष्ठ राजनेता को एकांत कारावास में रखना चिंताजनक है।
कासिम खान की इस अपील के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक नेताओं का ध्यान एक बार फिर पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति और वहां राजनीतिक बंदियों के साथ हो रहे व्यवहार की ओर आकर्षित हुआ है। समर्थकों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने जल्द ही इस दिशा में कोई कड़ा रुख या हस्तक्षेप नहीं अपनाया, तो जेल में इमरान खान के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। फिलहाल, पाकिस्तान सरकार या अदियाला जेल प्रशासन की ओर से कासिम खान के इन आरोपों और दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।