रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले- अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ा भारत का कद, दुनिया ध्यान से सुनती है हमारी बात
Shrilanka श्रीलंका। श्रीलंका दौरे पर पहुंचे केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आज वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता में काफी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात को अब गंभीरता से सुना जाता है और देश ने दुनिया में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। राजनाथ सिंह ने कहा कि करीब 10 से 13 साल पहले जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी बात रखता था, तो उसे उतना महत्व नहीं दिया जाता था, जितना दिया जाना चाहिए था। लेकिन वर्तमान समय में भारत की स्थिति पूरी तरह बदल गई है और वैश्विक समुदाय में देश का प्रभाव लगातार बढ़ा है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज जब भारत किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी राय रखता है, तो पूरी दुनिया ध्यानपूर्वक सुनती है। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने प्रयासों, नीतियों और उपलब्धियों के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित की है। भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय भी देश की छवि को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय अपनी मेहनत, ईमानदारी और योगदान से दुनिया के विभिन्न देशों में भारत का सम्मान बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत अब केवल अपनी बात रखने वाला देश नहीं है, बल्कि वैश्विक मुद्दों पर समाधान देने की क्षमता रखने वाला राष्ट्र बन चुका है। चाहे सुरक्षा, आर्थिक विकास या वैश्विक सहयोग का क्षेत्र हो, भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। राजनाथ सिंह ने भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने पिछले कुछ वर्षों में कई क्षेत्रों में तेजी से प्रगति की है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था, रक्षा क्षमता और कूटनीतिक प्रभाव में वृद्धि हुई है, जिससे वैश्विक स्तर पर देश का भरोसा बढ़ा है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत हमेशा शांति, सहयोग और मानव कल्याण के सिद्धांतों पर आगे बढ़ता रहा है। उन्होंने कहा कि देश अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ दुनिया के अन्य देशों के साथ बेहतर संबंध बनाने पर भी ध्यान दे रहा है। श्रीलंका में भारतीय समुदाय के साथ हुई इस बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों को देश की उपलब्धियों पर गर्व होना चाहिए और वे भारत के विकास की कहानी को दुनिया तक पहुंचाने में सहयोगी बनें।