Delhi दिल्ली। नेपाल में मंगलवार रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र नेपाल में था और इसकी गहराई जमीन से करीब 143 किलोमीटर नीचे बताई गई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप मंगलवार रात 8 सितंबर 2026 को रात 9 बजकर 38 मिनट 39 सेकंड पर आया। इसका केंद्र नेपाल में 29.022 उत्तरी अक्षांश और 83.978 पूर्वी देशांतर पर स्थित था।
भूकंप के झटकों के बाद नेपाल और आसपास के इलाकों में लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान या जानमाल की हानि की सूचना सामने नहीं आई है। भूकंप की तीव्रता मध्यम श्रेणी की मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब भूकंप का केंद्र अधिक गहराई पर होता है तो सतह पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम महसूस हो सकता है। नेपाल भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आता है। हिमालयी क्षेत्र में भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण यहां समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं।
भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी असर
नेपाल में आए भूकंप के झटके भारत के कुछ सीमावर्ती इलाकों में भी महसूस किए जाने की संभावना है। खासकर उत्तर भारत के हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों ने हल्के झटके महसूस किए। भूकंप के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों की ओर से लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की जाती है।
भूकंप के दौरान बरतें सावधानी
विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप के दौरान लोगों को घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए। घर के अंदर होने पर मजबूत टेबल के नीचे शरण लेना और खिड़कियों व भारी सामान से दूर रहना सुरक्षित माना जाता है। खुले स्थान पर होने पर इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखना चाहिए। फिलहाल नेपाल में आए इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर रख रही हैं और आगे की जानकारी का इंतजार है।
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