मॉस्को। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच मॉस्को के एक एयरपोर्ट पर अमेरिकी वायुसेना के **C-17 ग्लोबमास्टर III** विमान के उतरने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह घटना इसलिए भी हैरान करने वाली है क्योंकि यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका और रूस के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण हैं। ऐसे समय में अमेरिकी सैन्य विमान का रूसी राजधानी में पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है।
फिलहाल अमेरिका और रूस दोनों की ओर से इस विमान के मिशन को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। रूस के क्रेमलिन ने भी कहा है कि उसे इस उड़ान के उद्देश्य के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
वॉशिंगटन से रिगा होते हुए मॉस्को पहुंचा विमान
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना का यह C-17 विमान अमेरिका के **जॉइंट बेस एंड्रयूज** से रवाना हुआ था। इसके बाद यह लातविया की राजधानी **रिगा** पहुंचा और वहां से सीधे मॉस्को के **वनुकोवो एयरपोर्ट** पर उतरा।
जॉइंट बेस एंड्रयूज अमेरिका का बेहद महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना है, जहां से राष्ट्रपति और शीर्ष अधिकारियों की यात्राओं से जुड़े विमान भी संचालित होते हैं। इसी वजह से इस उड़ान को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।
आखिर क्यों गया अमेरिकी सैन्य विमान रूस?
अमेरिकी C-17 विमान के मॉस्को पहुंचने के बाद कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि अभी तक किसी भी दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे सैन्य परिवहन विमान कई तरह के मिशनों में इस्तेमाल किए जाते हैं। इनमें अधिकारियों की यात्रा, विशेष मिशन, मानवीय सहायता, कैदियों की अदला-बदली या संवेदनशील सामान पहुंचाना शामिल हो सकता है।
लेकिन यूक्रेन युद्ध के दौरान अमेरिकी सैन्य विमान का रूस पहुंचना असामान्य माना जा रहा है।
क्या शांति वार्ता से जुड़ा है मामला?
एक संभावना यह भी जताई जा रही है कि यह उड़ान रूस और अमेरिका के बीच किसी गुप्त कूटनीतिक बातचीत से जुड़ी हो सकती है।
यूक्रेन युद्ध को खत्म करने को लेकर अमेरिका पहले भी रूस के साथ बातचीत के रास्ते तलाशता रहा है। ऐसे में कुछ विशेषज्ञ इसे बैक चैनल डिप्लोमेसी यानी पर्दे के पीछे चल रही बातचीत से जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि विमान में कौन सवार था और उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था।
CIA प्रमुख की यात्रा की भी चर्चा
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के प्रमुख **जॉन रैटक्लिफ** इस विमान से मॉस्को पहुंचे और वहां बैठकों में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
अगर यह जानकारी सही साबित होती है तो यह यात्रा रूस-अमेरिका संबंधों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जाएगी।
C-17 विमान कितना खास है?
**C-17 ग्लोबमास्टर III** अमेरिकी वायुसेना का भारी सैन्य परिवहन विमान है। इसका इस्तेमाल सैनिकों, सैन्य उपकरणों, बड़े सामान और विशेष अभियानों के लिए किया जाता है।
इसकी खासियत यह है कि यह लंबी दूरी तक भारी सामान पहुंचाने में सक्षम है और जरूरत पड़ने पर संवेदनशील क्षेत्रों में भी ऑपरेशन कर सकता है।
रूस ने क्यों कहा- हमें जानकारी नहीं
क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि उन्हें इस अमेरिकी विमान की मॉस्को लैंडिंग के बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ ऐसी कोई निर्धारित बैठक की जानकारी उनके पास नहीं है।
रूस का यह बयान इस पूरे मामले को और रहस्यमय बना रहा है।
यूक्रेन युद्ध के बीच बढ़ी कूटनीतिक हलचल
रूस और अमेरिका के बीच यूक्रेन युद्ध को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है। अमेरिका यूक्रेन को समर्थन देता रहा है, जबकि रूस पश्चिमी देशों की नीतियों का विरोध करता रहा है।
ऐसे माहौल में दोनों देशों के बीच किसी भी उच्चस्तरीय संपर्क को बड़ी घटना के तौर पर देखा जाता है।
क्या कोई बड़ा समझौता होने वाला है?
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि C-17 विमान की मॉस्को यात्रा किसी बड़े समझौते या नई रणनीति का संकेत है।
लेकिन इतना जरूर है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ रहा है और सभी पक्ष समाधान की तलाश में हैं।
आगे की नजर
अब सबकी नजर इस बात पर है कि अमेरिका या रूस की ओर से इस उड़ान को लेकर कोई आधिकारिक बयान आता है या नहीं।
अगर यह यात्रा किसी गुप्त बातचीत या विशेष मिशन से जुड़ी थी तो आने वाले दिनों में इसकी जानकारी सामने आ सकती है।