पुतिन की प्रमुख शर्तें:
- यूक्रेन की नाटो सदस्यता पर रोक – रूस चाहता है कि यूक्रेन कभी भी नाटो (NATO) का हिस्सा न बने।
- नए क्षेत्रों पर रूस का अधिकार – जिन इलाकों पर रूस ने कब्जा किया है, उन पर यूक्रेन कोई दावा न करे।
- पश्चिमी देशों का हस्तक्षेप बंद हो – अमेरिका और यूरोपीय देश यूक्रेन को सैन्य और आर्थिक मदद देना बंद करें।
अमेरिका और नाटो की प्रतिक्रिया
अमेरिका और नाटो (NATO) ने रूस की शर्तों को नकारने के संकेत दिए हैं। वे चाहते हैं कि युद्ध विराम बिना किसी शर्त के लागू हो। इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में बड़े राजनयिक प्रयास देखने को मिल सकते हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन की शर्तें यूक्रेन और पश्चिमी देशों के लिए स्वीकार्य नहीं हैं। ऐसे में युद्धविराम पर सहमति बन पाना मुश्किल नजर आ रहा है। आने वाले हफ्तों में वैश्विक कूटनीति की दिशा स्पष्ट होगी।
यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या रूस और अमेरिका के बीच कोई समझौता हो पाता है या फिर जंग जारी रहेगी।