बलिया। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ की त्रासदी में अपने परिवार के सदस्यों और कारोबार को गंवाने वाले बलिया के पन्नालाल चौरसिया के घर शनिवार को दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह के पुत्र युकेश सिंह पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और आर्थिक सहायता के तौर पर दो लाख रुपये का चेक सौंपा। इस दौरान उन्होंने परिवार को आगे भी हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
जानकारी के मुताबिक, बलिया जनपद के रसड़ा नगर के पुरानी मस्जिद इलाके के रहने वाले पन्नालाल चौरसिया लंबे समय से नेपाल में रहकर कपड़े का कारोबार करते थे। करीब 40 वर्ष पहले वह और उनके भाई अशोक चौरसिया रोजगार की तलाश में नेपाल गए थे। दोनों भाइयों ने वहां नुवाकोट जिले के त्रिशूली क्षेत्र को अपना ठिकाना बनाया और थोक तथा फुटकर कपड़े का कारोबार शुरू किया। वर्षों की मेहनत के बाद उनका कारोबार वहां स्थापित हो गया था।
हालांकि, 26 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने उनके परिवार और कारोबार को भारी नुकसान पहुंचाया। इस त्रासदी में पन्नालाल चौरसिया की पत्नी उषा देवी और उनके 18 वर्षीय बेटे राहुल चौरसिया बाढ़ के तेज बहाव में बह गए। परिवार के लिए यह हादसा बेहद पीड़ादायक रहा। इसके साथ ही नेपाल में खड़ा किया गया उनका कारोबार भी बाढ़ की चपेट में आकर पूरी तरह तबाह हो गया। परिवार को एक साथ अपने प्रियजनों और आजीविका के बड़े साधन का नुकसान उठाना पड़ा।
शनिवार को रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह के पुत्र युकेश सिंह सीएसआईएल के प्रबंध निदेशक रमेश सिंह के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने पन्नालाल चौरसिया, उनके छोटे भाई अशोक चौरसिया और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिजनों का दुख साझा किया और दिवंगत उषा देवी तथा राहुल चौरसिया के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
मुलाकात के दौरान युकेश सिंह ने पन्नालाल चौरसिया को **दो लाख रुपये का चेक** प्रदान किया। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और जरूरत के अनुसार सहयोग जारी रहेगा। आर्थिक सहायता से परिवार को तत्काल जरूरतों को पूरा करने में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
युकेश सिंह ने इसके साथ ही दिवंगत उषा देवी और राहुल चौरसिया के **तेरही संस्कार का पूरा खर्च उठाने** की बात कही। परिवार के लिए यह आश्वासन ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब हादसे के बाद वे मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानियों से गुजर रहे हैं। उन्होंने अंतिम संस्कार से जुड़े खर्च की जिम्मेदारी लेने की बात कहकर परिवार को एक और सहयोग का भरोसा दिया।
सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं रहते हुए युकेश सिंह ने परिवार के एक सदस्य को **सीएसआईएल कंपनी में नौकरी देने का भरोसा** भी दिलाया। नेपाल में बाढ़ के कारण कारोबार खत्म होने के बाद परिवार के सामने आजीविका का संकट भी खड़ा हुआ है। ऐसे में नौकरी का आश्वासन परिवार के लिए भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।
पन्नालाल चौरसिया और उनके भाई अशोक चौरसिया करीब चार दशक पहले रोजगार की तलाश में नेपाल पहुंचे थे। वहां उन्होंने लंबे समय तक मेहनत करके अपना कारोबार खड़ा किया था। दोनों भाइयों ने त्रिशूली, नुवाकोट में रहकर कपड़ों के थोक और फुटकर व्यापार को आगे बढ़ाया। परिवार का जीवन और कारोबार दोनों नेपाल से जुड़ चुके थे, लेकिन अगस्त में आई बाढ़ ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया।
नेपाल की बाढ़ में जहां परिवार के दो सदस्यों की जान चली गई, वहीं वर्षों से खड़ा किया गया कारोबार भी तबाह हो गया। ऐसे में पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और भविष्य में रोजगार का भरोसा मिलने से उन्हें आगे की जिंदगी संभालने में मदद मिल सकती है।
इस मौके पर सीएसआईएल के चेयरमैन विनयशंकर जायसवाल, मुन्ना सिंह, राजेश जायसवाल, पिंकी सिंह, मुन्ना कन्नौजिया, बब्लू सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने की बात कही।
नेपाल में आई इस त्रासदी ने बलिया से जुड़े कई परिवारों को प्रभावित किया है। पन्नालाल चौरसिया का परिवार भी इसी त्रासदी की गंभीर मार झेल रहा है। पत्नी और बेटे को खोने के साथ कारोबार खत्म होने से उनके सामने दोहरी चुनौती पैदा हो गई है। ऐसे में युकेश सिंह की ओर से दी गई आर्थिक सहायता, तेरही संस्कार का खर्च उठाने का आश्वासन और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की बात उनके लिए तत्काल और भविष्य की जरूरतों में सहारा बन सकती है।
पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान युकेश सिंह ने शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया और उन्हें भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में सहयोग की कमी नहीं होने दी जाएगी। नेपाल बाढ़ की इस त्रासदी में अपने परिवार और कारोबार को गंवाने वाले पन्नालाल चौरसिया के लिए यह सहायता संकट से उबरने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सहारा मानी जा रही है।
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