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खाद-सीमेंट गोदाम में गार्ड की हत्या और लूट का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर : जिले के बेला थाना क्षेत्र स्थित एक निजी कंपनी के खाद और सीमेंट गोदाम में गार्ड शिवनारायण भगत की हत्या कर खाद लूटने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया ट्रक और लूटी गई 338 बोरी खाद बरामद की गई है। घटना 10 सितंबर की रात की बताई गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वारदात के बाद विशेष जांच टीम गठित की थी। घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम की भी मदद ली गई। पुलिस का कहना है कि तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई और दो संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ की गई।
गोदाम में गार्ड की हत्या के बाद लूट
पुलिस के मुताबिक, 10 सितंबर की रात बेला थाना क्षेत्र स्थित निजी कंपनी के खाद और सीमेंट गोदाम में आपराधिक वारदात हुई थी। गोदाम में तैनात गार्ड शिवनारायण भगत की हत्या कर वहां रखी खाद की बोरियां लूट ली गई थीं।
अगले दिन घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। हत्या के साथ बड़ी मात्रा में खाद की लूट का मामला होने के कारण वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इसकी जांच की निगरानी शुरू की।
एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य संकलित किए। पुलिस ने गोदाम और आसपास के क्षेत्र की भी जांच की।
मृतक शिवनारायण भगत की पत्नी के आवेदन के आधार पर बेला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद हत्या और लूट में शामिल आरोपियों की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच टीम गठित की गई।
जांच टीम को अलग-अलग बिंदुओं पर छानबीन करने की जिम्मेदारी दी गई। पुलिस ने घटना से पहले और बाद की गतिविधियों से संबंधित जानकारी भी जुटाई।
विशेष टीम ने शुरू की जांच
विशेष जांच टीम ने मामले में तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की। पुलिस ने उन लोगों के बारे में जानकारी जुटाई, जिनकी गतिविधियां वारदात के समय संदिग्ध पाई गईं।
जांच के दौरान गोदाम से खाद ले जाने के लिए किसी बड़े वाहन के इस्तेमाल की आशंका को ध्यान में रखते हुए ट्रकों और अन्य मालवाहक वाहनों के संबंध में भी जानकारी जुटाई गई। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर मिले सुरागों की जांच की गई।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों को जोड़ते हुए दो आरोपियों तक टीम पहुंची। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
338 बोरी खाद बरामद
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर लूटी गई खाद बरामद की गई। पुलिस ने कुल 338 बोरी खाद जब्त करने की बात कही है।
इतनी बड़ी मात्रा में खाद की बरामदगी को मामले की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि लूट के बाद खाद को कहां ले जाया गया था और उसे आगे बेचने या ठिकाने लगाने की क्या योजना थी।
बरामद खाद निजी कंपनी के गोदाम से लूटी गई खेप का हिस्सा है या नहीं, इसे मामले में उपलब्ध रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच का हिस्सा बनाया गया है।
वारदात में इस्तेमाल ट्रक भी जब्त
पुलिस ने खाद के साथ एक ट्रक भी बरामद किया है। पुलिस का दावा है कि इसी ट्रक का इस्तेमाल गोदाम से खाद की बोरियां ले जाने में किया गया था।
ट्रक को जब्त कर मामले की जांच में शामिल किया गया है। वाहन के मालिक, चालक और घटना के समय उसके इस्तेमाल से संबंधित अन्य जानकारियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के लिए ट्रक की बरामदगी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 338 बोरी खाद जैसी बड़ी खेप को गोदाम से ले जाने के लिए मालवाहक वाहन की जरूरत रही होगी। जांच टीम अब वाहन से जुड़े रिकॉर्ड और उसकी गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।
अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच
दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस की जांच समाप्त नहीं हुई है। वारदात में अन्य लोगों की भूमिका रही है या नहीं, इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
गोदाम में गार्ड की हत्या और बड़ी मात्रा में खाद की लूट की घटना को देखते हुए पुलिस पूरे घटनाक्रम को जोड़ने में लगी है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वारदात की योजना कब और कैसे बनाई गई थी।
इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों को गोदाम में खाद के भंडारण और वहां की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पहले से जानकारी थी या नहीं।
हत्या के कारणों की जांच जारी
पुलिस के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि गार्ड शिवनारायण भगत की हत्या किन परिस्थितियों में की गई। क्या गार्ड ने आरोपियों को पहचान लिया था, उसने लूट का विरोध किया था या हत्या के पीछे कोई अन्य वजह थी, इन पहलुओं पर जांच जारी है।
फिलहाल पुलिस ने इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है। इसलिए हत्या के कारणों को लेकर किसी भी संभावना को जांच पूरी होने से पहले स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
पत्नी के आवेदन पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद मामले में हत्या और लूट से संबंधित साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने विशेष टीम को जल्द आरोपियों तक पहुंचने और लूटी गई सामग्री की बरामदगी के निर्देश दिए थे। एफएसएल से जुटाए गए साक्ष्यों के साथ अन्य तकनीकी जानकारियों का भी विश्लेषण किया गया।
आगे की कार्रवाई में जुटी पुलिस
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटी गई 338 बोरी खाद के साथ ट्रक बरामद होने की जानकारी दी है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामले के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अब वारदात से जुड़े पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही बरामद सामग्री और वाहन को साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल किया गया है।
पुलिस का दावा है कि विशेष जांच टीम की कार्रवाई से गोदाम में गार्ड की हत्या और खाद लूट की वारदात की अहम कड़ियां सामने आई हैं। हालांकि गिरफ्तार दोनों व्यक्तियों पर लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।





