सऊदी अरब में अरामको को निशाना बनाने का दावा, यांबू पर भी हमला
सऊदी अरब पर हमला
रियाद: यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर एक बार फिर बड़े हमले का दावा किया है। हूतियों ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन का इस्तेमाल कर सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको की यांबू स्थित सुविधाओं और राजधानी रियाद में एक संवेदनशील ठिकाने को निशाना बनाया। हालांकि सऊदी अरब की ओर से अरामको की सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की तत्काल पुष्टि नहीं की गई।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि संगठन ने दो अलग-अलग सैन्य अभियान चलाए। इनमें एक हमला राजधानी रियाद के एक कथित संवेदनशील ठिकाने पर किया गया, जबकि दूसरा हमला लाल सागर के किनारे स्थित महत्वपूर्ण पोर्ट सिटी यांबू में सऊदी अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाकर किया गया। हूतियों के मुताबिक इन हमलों में बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन इस्तेमाल किए गए।
इससे पहले सऊदी अरब ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई छह बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी के अनुसार मिसाइलों के निशाने पर पश्चिमी सऊदी अरब का ताइफ और लाल सागर के तट पर स्थित यांबू क्षेत्र था। यांबू सऊदी अरब के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां प्रमुख तेल रिफाइनिंग और निर्यात सुविधाएं मौजूद हैं। मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बीच यांबू के तेल बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ सकती है। Reuters के मुताबिक गुरुवार के हमलों के बाद यांबू या ताइफ में नुकसान अथवा हताहतों की तत्काल स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई थी।
यांबू क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों की भी पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक ग्रीक सैन्य कर्मियों द्वारा संचालित एक एयर डिफेंस सिस्टम ने यांबू के व्यापक क्षेत्र में एक बैलिस्टिक मिसाइल और एक ड्रोन को इंटरसेप्ट किया। यह क्षेत्र सऊदी अरब की प्रमुख तेल सुविधाओं के कारण विशेष रूप से संवेदनशील माना जाता है। हूतियों ने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के जाजान क्षेत्र में भी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया है। समूह ने कहा कि उसने दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, हथियार डिपो और सैन्य शिविरों को निशाना बनाया। इन दावों की सऊदी अरब की ओर से तत्काल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई।
सऊदी अरब और हूतियों के बीच हाल के दिनों में सैन्य तनाव बढ़ा है। 19 सितंबर को भी हूतियों ने रियाद और यांबू में हमले का दावा किया था। उस समय सऊदी गठबंधन ने रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने और यांबू समेत अन्य क्षेत्रों पर हमलों को विफल करने की बात कही थी। ताजा हमलों के बाद लाल सागर क्षेत्र और सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। फिलहाल हूतियों के अरामको पर हमले के दावे और उससे हुए संभावित नुकसान को लेकर सऊदी अधिकारियों की विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।