कीव: यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबीहा ने बताया कि रूस ने बुधवार देर रात सूमी शहर के शॉपिंग सेंटर पर ड्रोन हमला किया। यह हमला लोगों को न‍िशाना बनाकर जानबूझकर कर क‍िया गया। इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई और 20 घायल हुए हैं।
यूक्रेन के व‍िदेश मंत्री एंड्री स‍िबीहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट हमले की जानकारी साझा करते हुए कहा क‍ि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कड़े प्रतिबंध और यूक्रेन को मजबूत एयर डिफेंस देना चाहिए। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्‍ट पर कीव और मायकोलाइव पर हुए हमले की जानकारी साझा की।
जेलेंस्की ने बताया क‍ि कीव में एक नौ मंजिला अपार्टमेंट पर हुए भीषण हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो बच्चों सहित सात लोग घायल हो गए। रूसियों ने रात भर और सुबह में मायकोलाइव में बड़े पैमाने पर हमले किए। दुखद रूप से, दो लोग मारे गए और सात अन्य घायल हो गए। मृतकों के परिवारों और प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।
व‍िदेश मंत्री स‍िबीहा ने बताया क‍ि रूस ने जानबूझकर सूमी शहर के एक शॉपिंग सेंटर पर हमला किया। इस हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए। उन्‍होंने कहा क‍ि किसी शॉपिंग सेंटर को निशाना बनाना एक सोचा-समझा फैसला होता है। रूस को पता था कि वह यह ड्रोन कहां भेज रहा है और इसके क्या परिणाम हो सकते हैं। मॉस्को यह दिखा रहा है कि वह दिनदहाड़े खुले तौर पर आम नागरिकों को मारने के लिए तैयार है, क्योंकि उसे अब भी लगता है कि दुनिया रूस की हर नई हिंसक कार्रवाई को देखेगी, उसकी निंदा करेगी और फिर आगे बढ़ जाएगी।
एंड्री सिबीहा ने कहा क‍ि यह सोच अब रूस के लिए एक हथियार बनती जा रही है। इसे खत्म करना होगा। उन्‍होंने कहा क‍ि रूस को यूक्रेनी नागरिकों पर हर हमले और एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया के बीच सीधा संबंध दिखना चाहिए, इसमें यूक्रेन को अपने आसमान की बेहतर सुरक्षा के लिए और अधिक क्षमताएं देना, रूस के हथियार बनाने की क्षमता पर और कड़े प्रतिबंध लगाना तथा युद्ध के लिए मिलने वाले वित्तीय संसाधनों पर दबाव बढ़ाना शामिल होना चाहिए।
सूमी हमले के बाद सिर्फ चिंता जताना पर्याप्त नहीं होना चाहिए। संदेश यह होना चाहिए कि रूस का हर नया हमला यूक्रेन को और मजबूत तथा रूस को और कमजोर बनाएगा। रूस के हर हमले का जवाब उसकी अगला हमला करने की क्षमता को कम करके दिया जाना चाहिए। इसी तरह आतंक और हिंसा के इस चक्र को रोका जा सकता है।
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