London : पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में बिगड़ती स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। ब्रिटेन के कई सांसदों ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र लिखकर PoK में कथित हिंसा और मानवाधिकारों की स्थिति पर हस्तक्षेप की मांग की है। सांसदों ने क्षेत्र में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हालात सुधारने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की अपील की है। ब्रिटिश सांसदों ने अपने पत्र में कहा कि पिछले कुछ समय से
PoK
में मौतों और चोटों की घटनाएं सामने आई हैं। इसके अलावा संचार सेवाओं पर प्रतिबंध, गिरफ्तारियां, जरूरी सामानों की आपूर्ति में बाधा और शांतिपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों पर रोक जैसी शिकायतों को लेकर चिंता जताई गई है।
70 से ज्यादा सांसदों ने उठाई आवाज
रिपोर्ट के अनुसार 70 से अधिक ब्रिटिश सांसदों ने संयुक्त राष्ट्र से इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। सांसदों ने कहा कि क्षेत्र में तनाव कम करने, जवाबदेही तय करने और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगे आना चाहिए। पत्र में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख की ओर से पहले जताई गई चिंताओं का भी उल्लेख किया गया। सांसदों ने शांतिपूर्ण बातचीत, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों के सम्मान की जरूरत बताई।
संचार बंद और कार्रवाई पर सवाल
ब्रिटिश सांसदों ने आरोप लगाया कि PoK में कई बार इंटरनेट और संचार सेवाओं पर रोक लगाई गई, जिससे लोगों को जानकारी हासिल करने और अपनी बात रखने में परेशानी हुई। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से अपील की कि क्षेत्र में स्वतंत्र मानवाधिकार पर्यवेक्षकों की पहुंच सुनिश्चित की जाए। सांसदों ने यह भी मांग की कि मनमानी गिरफ्तारियों को रोका जाए और हिरासत में लिए गए लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि स्थायी शांति केवल बातचीत और लोगों के अधिकारों के सम्मान से ही संभव है।
पाकिस्तान पर बढ़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव
PoK में हालिया घटनाओं को लेकर पाकिस्तान सरकार की नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समूहों ने भी क्षेत्र में नागरिक स्वतंत्रताओं और सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। ब्रिटिश सांसदों की यह पहल ऐसे समय में हुई है जब PoK में राजनीतिक असंतोष और विरोध प्रदर्शनों की खबरें सामने आई हैं। सांसदों ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि वह हालात पर नजर बनाए रखे और हिंसा रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए।
संयुक्त राष्ट्र से क्या मांग की गई
ब्रिटिश सांसदों ने संयुक्त राष्ट्र से क्षेत्र में हिंसा रोकने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, जरूरी सेवाओं की बहाली और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में लोगों के मूल अधिकारों से समझौता नहीं किया जा सकता। इस पूरे मामले पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और संयुक्त राष्ट्र की आगे की कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।
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