छत्तीसगढ़

रायपुर में 2302 ट्री गार्ड और 571 कंक्रीट घेरे हटाए गए

Shantanu Roy
23 Aug 2026 12:37 AM IST
रायपुर में 2302 ट्री गार्ड और 571 कंक्रीट घेरे हटाए गए
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा चलाया जा रहा प्रोजेक्ट पुनर्जीवन अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। अभियान के तहत रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के विभिन्न जोनों में अब तक करीब 2302 ट्री गार्ड और 571 स्थानों पर लगाए गए कंक्रीट के घेरे व पेवर हटाए जा चुके हैं। इस पहल का उद्देश्य ऐसे पौधों को प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराना है, जो ट्री गार्ड और कंक्रीट के घेरे के कारण अपने स्वाभाविक रूप से विकसित नहीं हो पा रहे थे। इन संरचनाओं को हटाने के बाद पौधों को मिट्टी, पानी और हवा आसानी से मिल सकेगी, जिससे उनका विकास बेहतर तरीके से हो सकेगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुआ अभियान
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर रायपुर जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट पुनर्जीवन की शुरुआत की गई है। रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में इस अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्यपाल रमेन डेका द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर जताई गई चिंता के बाद अभियान को और तेज किया गया। इसके बाद रायपुर नगर निगम क्षेत्र में सभी 10 जोनों के अधिकारियों को ऐसे पौधों की पहचान करने और उनके आसपास बने अवरोधों को हटाने के निर्देश दिए गए।
सभी 10 जोनों में चल रहा अभियान
रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के मार्गदर्शन में सभी जोन कमिश्नरों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण किया गया। इस दौरान ऐसे पौधों को चिन्हित किया गया, जो चारों ओर से ट्री गार्ड, कंक्रीट के घेरे और पेवर ब्लॉक से घिरे हुए थे। अधिकारियों ने पाया कि कई स्थानों पर पौधों की जड़ों तक पर्याप्त मिट्टी और पानी नहीं पहुंच पा रहा था, जिससे उनका प्राकृतिक विकास प्रभावित हो रहा था। इसके बाद चिन्हित स्थानों पर अभियान चलाकर ट्री गार्ड और कंक्रीट संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
पौधों को मिलेगा बेहतर पर्यावरणीय वातावरण
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, ट्री गार्ड और कंक्रीट घेरे हटाने से पौधों को खुला स्थान मिलेगा। इससे उनकी जड़ें आसानी से फैल सकेंगी और वे प्राकृतिक रूप से विकसित हो पाएंगे। इसके अलावा बारिश का पानी सीधे पौधों तक पहुंच सकेगा और मिट्टी में नमी बनी रहेगी। इससे पौधों के जीवनकाल और हरियाली को बढ़ावा मिलेगा।
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