नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमलों को याद किया। उन्होंने कहा कि इस साल 9/11 आतंकवादी हमलों के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने हमलों में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों में अमेरिकियों के बाद भारतीयों की संख्या सबसे अधिक थी।प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी अमेरिका यात्रा को भी याद किया। उन्होंने बताया कि उस दौरान वह न्यूयॉर्क पहुंचे थे और 9/11 आतंकवादी हमलों में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "इस साल 9/11 आतंकवादी हमलों को भी 25 साल पूरे हो रहे हैं। अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों में, अमेरिकियों के बाद सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों की थी। मुझे याद है कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद जब मैं अमेरिका गया था, तो मैं उन निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि देने न्यूयॉर्क पहुंचा था। आज, एक बार फिर, मैं करोड़ों भारतीय नागरिकों की ओर से पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।"प्रधानमंत्री ने 9/11 हमलों की बरसी के संदर्भ में आतंकवाद से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को याद किया। 11 सितंबर 2001 के हमले दुनिया की सबसे बड़ी आतंकवादी घटनाओं में शामिल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में उस घटना में भारतीय नागरिकों की मौत का भी उल्लेख किया।
उन्होंने 2014 की अपनी न्यूयॉर्क यात्रा का जिक्र करते हुए उस समय पीड़ितों को दी गई श्रद्धांजलि को याद किया। प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान उन्होंने 9/11 में जान गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया था। अब 25 साल पूरे होने के मौके पर उन्होंने एक बार फिर पीड़ित परिवारों के प्रति भारत की ओर से संवेदना जताई।प्रधानमंत्री मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है जब संयुक्त राष्ट्र महासभा में आतंकवाद और पाकिस्तान को लेकर भारत की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई। शुक्रवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण के बाद भारत ने जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल किया।भारत की ओर से भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के बयान का जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने 9/11 आतंकवादी हमलों के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन की पाकिस्तान में मौजूदगी का जिक्र किया।
गहलोत ने पाकिस्तान के प्रतिनिधि की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए 9/11 की 25वीं बरसी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस घटना को याद करते समय उस संदर्भ को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए कि हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में रह रहा था।भारतीय राजनयिक ने कहा, "आज दोपहर, महासभा ने पाकिस्तान के प्रतिनिधि की ओर से कुछ अजीब बातें सुनीं। यह घटनाक्रम न्यूयॉर्क शहर और दुनिया द्वारा भयानक 9/11 आतंकवादी हमले की 25वीं बरसी मनाने के ठीक दो हफ्ते बाद हुआ है।"
उन्होंने आगे कहा कि इस संदर्भ को ध्यान में रखना जरूरी है क्योंकि 9/11 का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तानी सेना की प्रमुख अकादमी के ठीक बगल में रह रहा था। उन्होंने पाकिस्तान के प्रतिनिधि के भाषण को लेकर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी।गहलोत ने अपने बयान में पाकिस्तान की सरकार को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि पाकिस्तान के लोग जिसे खुद "फॉर्म 47 सरकार" कहते हैं, उससे ऐसी ही उम्मीद की जा सकती है। उनका यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए भाषण के जवाब में आया।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भी 9/11 हमलों की 25वीं बरसी पर पीड़ितों को याद करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत के संकल्प का उल्लेख किया था। उन्होंने पीड़ित परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त की थी और 2014 में 9/11 मेमोरियल एंड म्यूजियम की अपनी यात्रा की झलकियां भी साझा की थीं।प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के कारण दुनिया भर में जान गंवाने वाले लोगों को याद करते हुए भारत के आतंकवाद विरोधी रुख को दोहराया। उन्होंने कहा था कि आतंकवाद का खतरा लगातार बदल रहा है, लेकिन इसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के विरोध का भारत का संकल्प अटल है।अब 'मन की बात' में प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर 9/11 हमलों का उल्लेख करते हुए भारतीय पीड़ितों को याद किया। उन्होंने विशेष रूप से इस बात का जिक्र किया कि हमले में जान गंवाने वाले लोगों में अमेरिकियों के बाद भारतीयों की संख्या सबसे ज्यादा थी।
प्रधानमंत्री के संबोधन में 9/11 की घटना को केवल अमेरिका की त्रासदी के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय परिवारों को प्रभावित करने वाली घटना के रूप में भी याद किया गया। उन्होंने करोड़ों भारतीय नागरिकों की ओर से उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की जिन्होंने इस आतंकवादी हमले में अपने प्रियजनों को खोया।वहीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की ओर से दिए गए जवाब में भी 9/11 हमलों का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने ओसामा बिन लादेन की पाकिस्तान में मौजूदगी का उल्लेख करते हुए पाकिस्तान के बयान पर सवाल उठाए।9/11 हमलों के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी और संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की प्रतिक्रिया ने आतंकवाद के मुद्दे को एक बार फिर प्रमुखता से सामने रखा है।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के जरिए 9/11 आतंकवादी हमलों में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को याद करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने 2014 की अपनी न्यूयॉर्क यात्रा को याद करते हुए कहा कि वह उस समय भी पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। वहीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने पाकिस्तान को जवाब देते हुए ओसामा बिन लादेन की पाकिस्तान में मौजूदगी का जिक्र किया और आतंकवाद के मुद्दे पर अपना पक्ष रखा।