नई दिल्ली: पाकिस्तान में महंगाई से जूझ रही जनता को ईंधन की कीमतों ने एक और झटका दिया है। सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल के दाम फिर बढ़ा दिए हैं। 10 सितंबर से लागू नई कीमतों के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल 367 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच गया है, जबकि डीजल की कीमत 400 रुपये प्रति लीटर के बेहद करीब पहुंच गई है। खास बात यह है कि लगातार तीन दिनों में ईंधन की कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी की गई है।
पेट्रोल और डीजल कितना महंगा हुआ?
पाकिस्तान की ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी यानी OGRA और सरकार की समीक्षा के बाद पेट्रोल की कीमत में 3.40 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। इसके बाद पेट्रोल की नई कीमत 367.75 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गई है।
वहीं हाई-स्पीड डीजल के दाम में 6.72 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। बढ़ोतरी के बाद डीजल 392.67 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। नई दरें 10 सितंबर से लागू कर दी गई हैं।
एक हफ्ते से भी कम समय में 21 रुपये महंगा पेट्रोल
पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी एक साथ नहीं हुई है। पिछले तीन दिनों में लगातार फ्यूल रेट बढ़ाए गए हैं। 8 सितंबर को पेट्रोल की कीमत में 12.90 रुपये और डीजल में 3.72 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी। इसके अगले दिन यानी 9 सितंबर को पेट्रोल 5.58 रुपये और डीजल 4.18 रुपये महंगा किया गया।
अब 10 सितंबर को पेट्रोल में 3.40 रुपये और डीजल में 6.72 रुपये का इजाफा किया गया है। इस तरह एक सप्ताह से भी कम समय में पेट्रोल करीब 21.88 रुपये और डीजल 14.62 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड 100 डॉलर के पार
ईंधन की कीमतों में इस तेजी की एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल बताई जा रही है। मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई है।
पाकिस्तान अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने का सीधा असर वहां घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है। महंगे आयात से पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार पर भी दबाव बढ़ता है।
IMF की शर्तों का भी असर
पाकिस्तान की मौजूदा आर्थिक स्थिति में IMF की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। देश बेलआउट पैकेज के तहत आर्थिक सुधारों को लागू कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, IMF के फुल कॉस्ट रिकवरी मॉडल के तहत सरकार को ईंधन की लागत को सीधे कीमतों में शामिल करना पड़ता है।
इस मॉडल में सरकार के लिए बड़े पैमाने पर सब्सिडी देकर ईंधन को सस्ता बनाए रखना मुश्किल होता है। इसी वजह से पाकिस्तान में फ्यूल प्राइसिंग सिस्टम को अधिक बार कीमतों में बदलाव की दिशा में ले जाया गया है।
पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स
ईंधन की अंतिम कीमत में टैक्स और अन्य शुल्क का हिस्सा भी काफी बड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान सरकार पेट्रोल पर प्रति लीटर करीब 114 रुपये और डीजल पर लगभग 100 रुपये टैक्स, कस्टम ड्यूटी और पेट्रोलियम लेवी के रूप में वसूल रही है। सरकार की वित्तीय स्थिति पहले से दबाव में है और कर्ज का बोझ भी काफी ज्यादा है। ऐसे में ईंधन पर मिलने वाला राजस्व उसके लिए महत्वपूर्ण है।
भारत से कितनी अलग है कीमत?
रिपोर्ट में भारत और पाकिस्तान की पेट्रोल कीमतों की तुलना भी की गई है। दी गई जानकारी के मुताबिक भारत में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है, जबकि पाकिस्तान में नई दरों के बाद पेट्रोल 367.75 और डीजल 392.67 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गया है।
लगातार बढ़ते फ्यूल रेट पाकिस्तान में सिर्फ वाहन चलाने की लागत नहीं बढ़ा रहे, बल्कि परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। ऐसे में आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय क्रूड की कीमत और पाकिस्तान सरकार की अगली समीक्षा पर सबकी नजर रहेगी।
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