कराची: सोमवार को कराची में लोगों का गुस्सा फिर देखने को मिला। लंबे समय से बिजली और पानी की कमी के विरोध में हुए प्रदर्शनों के कारण शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक जाम हो गया।हजारों यात्री घंटों तक फंसे रहे, जबकि सड़क जाम होने की वजह से एम्बुलेंस भी ट्रैफिक में फंसी रहीं। 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, कई अहम जगहों पर प्रदर्शन हुए, जिससे शहर के पहले से ही कमजोर सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता दबाव साफ दिखा।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, बिजली कटौती का विरोध कर रहे निवासियों ने गुड लक मैरिज हॉल के पास मंगहोपीर रोड को जाम कर दिया, जिससे लियारी एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा की ओर जाने वाला ट्रैफिक बाधित हो गया।सड़क बंद होने से लासबेला चौक, निश्तर रोड, गुरुमंदिर, तीन हट्टी और नाजिमाबाद के आसपास भारी जाम लग गया। 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, शाम करीब 5:30 बजे दारुल उलूम कोरंगी के पास के-इलेक्ट्रिक ऑफिस के बाहर एक और प्रदर्शन हुआ, जहां प्रदर्शनकारियों ने कोरंगी और मुर्तजा चौरंगी के बीच 8,000 रोड के दोनों तरफ जाम लगा दिया।
हालांकि, के-इलेक्ट्रिक ने बिजली संकट के लिए बड़े पैमाने पर बिल न भरने और बिजली चोरी को जिम्मेदार ठहराया।कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि शराफी गोथ, गरीबबाद और पाक कॉलोनी में लाखों रुपये के बिल बकाया हैं, जबकि इन इलाकों में फीडर पर नुकसान 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है।
कंपनी के अनुसार, चोरी रोकने के लिए बार-बार अभियान चलाने और बिल वसूली में सुधार की कोशिशों के बावजूद बिजली चोरी और बिल न भरने का सिलसिला जारी है। 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, के-इलेक्ट्रिक ने प्रभावित इलाकों में बिजली कटौती की अवधि को चोरी और नुकसान के स्तर से जोड़ा है।
हालात तब और बिगड़ गए जब गरीबबाद के निवासियों ने गरीबबाद और हसन स्क्वायर के बीच सर शाह सुलेमान रोड के दोनों ट्रैक जाम कर दिए, जिससे कई किलोमीटर लंबी ट्रैफिक लाइन लग गई।
शाहराह-ए-फैसल, करसाज़, नेशनल स्टेडियम और यूनिवर्सिटी रोड को जोड़ने वाली सड़कें भी प्रभावित हुईं। नाजिमाबाद नंबर 1 में एक और विरोध प्रदर्शन के कारण हकीम इब्न-ए-सीना रोड बाधित हुआ और SITE और नाजिमाबाद के बीच ट्रैफिक पर असर पड़ा।
सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने बिगड़ते हालात का संज्ञान लिया और कराची कमिश्नर व पुलिस प्रमुख से तुरंत रिपोर्ट मांगी।
उन्होंने के-इलेक्ट्रिक और कराची वॉटर एंड सीवरेज कॉरपोरेशन के अधिकारियों को लोगों की शिकायतों का समाधान करने का निर्देश दिया, साथ ही ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन को बंद रास्तों को खुलवाने का आदेश दिया।