मॉस्को : रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से दिए गए सख्त संकेतों के बाद आशंका जताई जा रही है कि रूस यूक्रेन पर अपने हमले और तेज कर सकता है। इस बीच यूक्रेन के कई शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों ने चिंता बढ़ा दी है। सबसे बड़ा खतरा बैलिस्टिक मिसाइलों के इस्तेमाल को लेकर बताया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस ने हाल के दिनों में यूक्रेन के कई इलाकों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। रूसी सेना ने दावा किया है कि उसने सैन्य ठिकानों, औद्योगिक इकाइयों, लॉजिस्टिक केंद्रों और रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाया है। वहीं यूक्रेन का आरोप है कि इन हमलों में आम नागरिक इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है।
पुतिन के सख्त रुख से बढ़ी चिंता
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लगातार यह संकेत दे रहे हैं कि मॉस्को यूक्रेन के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को कमजोर नहीं करेगा। रूस का कहना है कि वह अपने सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
पश्चिमी देशों के समर्थन से यूक्रेन लगातार रूस के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए है। वहीं रूस भी अपनी सैन्य क्षमता का इस्तेमाल करते हुए जवाबी कार्रवाई कर रहा है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर वैश्विक चिंता बढ़ा दी है।
बैलिस्टिक मिसाइलों का खतरा क्यों बढ़ा
बैलिस्टिक मिसाइलें बेहद तेज गति से लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम होती हैं। इन्हें रोकना सामान्य मिसाइलों की तुलना में ज्यादा कठिन माना जाता है। यूक्रेन के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही है कि उसके पास सीमित संख्या में ऐसे एयर डिफेंस सिस्टम हैं जो इन मिसाइलों को रोक सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि रूस अगर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करता है तो यूक्रेन के शहरों और सैन्य ठिकानों पर दबाव बढ़ सकता है। यूक्रेन पहले भी पश्चिमी देशों से अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम उपलब्ध कराने की मांग करता रहा है।
कीव समेत कई इलाकों में हमले
रिपोर्ट के अनुसार रूस की ओर से किए गए हमलों में यूक्रेन के कई शहर प्रभावित हुए हैं। कीव समेत कुछ इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनाई देने और नुकसान की खबरें सामने आई हैं। यूक्रेनी अधिकारियों ने दावा किया कि हमलों में कई लोग घायल हुए हैं और कुछ स्थानों पर मौतें भी हुई हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर युद्ध को बढ़ाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पश्चिमी देशों से और अधिक मदद की अपील की है।
रूस की रणनीति क्या है
सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, रूस लगातार यूक्रेन की सैन्य क्षमता और बुनियादी ढांचे को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहा है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए ऊर्जा संयंत्रों, हथियार भंडार और परिवहन नेटवर्क को निशाना बनाया जा रहा है।
रूस का दावा है कि उसके हमले केवल सैन्य लक्ष्यों तक सीमित हैं, जबकि यूक्रेन का कहना है कि इन हमलों से नागरिक क्षेत्रों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
परमाणु हमले की चर्चा भी तेज
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच कई बार परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की आशंका को लेकर चर्चा होती रही है। हालांकि अभी तक रूस की ओर से परमाणु हमला करने का कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल बेहद गंभीर वैश्विक संकट पैदा कर सकता है, इसलिए सभी पक्ष इस विकल्प से बचने की कोशिश करते हैं।
पश्चिमी देशों की बढ़ी चिंता
अमेरिका और यूरोपीय देश लगातार यूक्रेन को सैन्य सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव भी लगातार बना हुआ है।
यूक्रेन को सबसे ज्यादा जरूरत आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल सुरक्षा की है। पश्चिमी देशों का कहना है कि वे यूक्रेन की मदद जारी रखेंगे।
क्या युद्ध और बढ़ेगा
फिलहाल रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष खत्म होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं। बातचीत की कोशिशें जरूर हुई हैं, लेकिन जमीन पर सैन्य गतिविधियां जारी हैं।
अगर रूस हमलों की तीव्रता बढ़ाता है तो इससे यूरोप में तनाव और बढ़ सकता है। बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल युद्ध को और खतरनाक स्तर तक ले जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिन रूस-यूक्रेन युद्ध के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं। दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि मॉस्को और कीव आगे क्या कदम उठाते हैं।
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