रावलपिंडी : 27 अक्टूबर 2026। पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर में लगातार हो रही बिजली कटौती ने आम लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। शहर के कई इलाकों में बिना पूर्व सूचना के घंटों बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आई हैं। बिजली की अनियमित आपूर्ति से घरेलू कामकाज, व्यापारिक गतिविधियां, बच्चों की पढ़ाई और जलापूर्ति जैसी आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली की बढ़ती कीमतों के बावजूद उन्हें नियमित आपूर्ति नहीं मिल रही है।अक्टूबर में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, रावलपिंडी के कुछ क्षेत्रों में प्रतिदिन चार घंटे तक अघोषित बिजली कटौती की शिकायतें दर्ज की गई हैं। बिजली संकट को लेकर लोगों में नाराजगी है और वे संबंधित अधिकारियों से निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
बिना सूचना बिजली कटौती से लोगों की मुश्किलें बढ़ीं
रावलपिंडी के विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक इलाकों में बिजली की बार-बार कटौती लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। बिजली गुल होने से दैनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में सदिकाबाद, ढोक काला खान, सेटेलाइट टाउन, चकलाला, समिति चौक और अन्य इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतों का उल्लेख किया गया है।हालांकि, सभी क्षेत्रों में बिजली कटौती अघोषित थी, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कुछ इलाकों में बिजली की आपूर्ति मरम्मत और रखरखाव कार्यों के कारण भी बाधित हुई है।
बिजली के साथ पानी का भी संकट
लगातार बिजली कटौती का असर पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। रावलपिंडी के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति बिजली से संचालित ट्यूबवेल और पंपिंग सिस्टम पर निर्भर करती है।बिजली की अनियमित उपलब्धता के कारण जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली कटौती के कारण उन्हें पानी की समस्या से भी जूझना पड़ता है।पिछले महीनों में रावलपिंडी और इस्लामाबाद के कई क्षेत्रों में लोगों ने बिजली की कटौती के साथ वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की शिकायतें भी की थीं। इससे घरेलू विद्युत उपकरणों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई थी।
छात्रों की पढ़ाई और व्यापारिक गतिविधियों पर असर
बिजली की अनियमित आपूर्ति से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विशेष रूप से शाम और रात के समय कटौती होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।दूसरी ओर, बिजली पर निर्भर छोटे दुकानदारों और कारोबारियों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय है। लगातार बिजली कटौती से कंप्यूटर, मशीनों और अन्य उपकरणों का संचालन प्रभावित होता है।स्थानीय व्यापारियों के लिए वैकल्पिक बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त खर्च करना भी आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।
बिजली की कमी पर आपूर्ति कंपनी ने दी सफाई
रावलपिंडी में बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी संभालने वाली इस्लामाबाद इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (IESCO) ने पहले स्पष्ट किया था कि बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच अंतर के कारण कुछ समय के लिए लोड मैनेजमेंट करना पड़ रहा है।अगस्त में कंपनी के प्रवक्ता ने लगभग 500 मेगावाट बिजली की कमी का उल्लेख किया था। कंपनी ने यह भी कहा था कि राष्ट्रीय ग्रिड से आवश्यक बिजली उपलब्ध होने पर आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा।हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट किया था कि तकनीकी खराबी और ट्रांसफॉर्मर संबंधी समस्याओं के कारण होने वाली बाधाओं को निर्धारित लोडशेडिंग से अलग समझा जाना चाहिए।
रखरखाव कार्यों के कारण भी बिजली आपूर्ति प्रभावित
बिजली वितरण कंपनी ने अक्टूबर महीने में रावलपिंडी और इस्लामाबाद के विभिन्न इलाकों में रखरखाव और विकास कार्यों के लिए निर्धारित बिजली कटौती की घोषणाएं भी की हैं।26 अक्टूबर को भी चयनित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रखने का कार्यक्रम जारी किया गया था। कंपनी के अनुसार, ऐसी कटौती बिजली लाइनों की मरम्मत, वार्षिक रखरखाव और बिजली वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए की जाती है।इन निर्धारित कटौतियों और स्थानीय लोगों की अघोषित कटौती संबंधी शिकायतों के बीच अंतर करना जरूरी है।
प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
बिजली संकट से परेशान स्थानीय नागरिकों ने वितरण कंपनी से आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बिजली कटौती की जानकारी पहले से उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि वे अपने जरूरी कामों की योजना बना सकें।इसके साथ ही बिजली की तकनीकी खराबियों को जल्द दूर करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता जताई जा रही है।फिलहाल रावलपिंडी में बिजली आपूर्ति की अनियमितता लोगों के लिए एक प्रमुख समस्या बनी हुई है। अब देखना होगा कि बिजली वितरण कंपनी मांग और आपूर्ति के अंतर को कम करने तथा स्थानीय स्तर पर तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए क्या कदम उठाती है।