यरुशलम : 27 अक्टूबर 2026। इजरायल में मंगलवार को संसदीय चुनाव के लिए मतदान जारी है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे तक लगभग 16.7 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। यह मतदान प्रतिशत वर्ष 2022 के चुनाव में इसी समय दर्ज 15.9 प्रतिशत से अधिक बताया जा रहा है। देश में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य को लेकर यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मतदाता इजरायली संसद नेसेट की 120 सीटों के लिए अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर रहे हैं।यह 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले और उसके बाद हुए गाजा युद्ध के बाद इजरायल का पहला संसदीय चुनाव है। चुनाव में राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक चुनौतियां, युद्ध के बाद की परिस्थितियां और राजनीतिक नेतृत्व प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।
सुबह 7 बजे शुरू हुआ मतदान, रात 10 बजे तक खुलेंगे केंद्र
इजरायल में मंगलवार सुबह 7 बजे मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। देशभर में 12,018 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।केंद्रीय चुनाव समिति के अनुसार, इस बार कुल 73,31,981 नागरिक मतदान करने के पात्र हैं। इनमें लगभग 3.30 लाख ऐसे मतदाता भी शामिल हैं, जो पहली बार संसदीय चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं।अधिकांश मतदान केंद्र स्थानीय समयानुसार रात 10 बजे तक खुले रहेंगे। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद मतगणना शुरू की जाएगी।चुनाव अधिकारियों ने मतदाताओं से शांति बनाए रखने और चुनाव संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
सुबह के मतदान प्रतिशत ने खींचा ध्यान
सुबह 10 बजे तक करीब 16.7 प्रतिशत मतदान दर्ज होने की रिपोर्ट सामने आई है। शुरुआती मतदान के स्तर को चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।हालांकि शुरुआती मतदान प्रतिशत के आधार पर किसी राजनीतिक दल की जीत या हार का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।इस बार मतदान प्रतिशत पर विशेष नजर रखी जा रही है, क्योंकि विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने समर्थकों से बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचने की अपील की है।चुनाव आयोग की ओर से मतदान के दौरान अलग-अलग समय पर आंकड़े जारी किए जाने की व्यवस्था की गई है। इससे दिनभर मतदाताओं की भागीदारी का आकलन किया जा सकेगा।
नेतन्याहू और विपक्ष के बीच राजनीतिक मुकाबला
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को इस चुनाव में विपक्षी दलों से चुनौती मिल रही है। पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजनकोट प्रमुख विपक्षी नेताओं में शामिल हैं।चुनावी अभियान के दौरान नेतन्याहू ने राष्ट्रीय सुरक्षा और अपने नेतृत्व में लिए गए फैसलों को प्रमुखता दी है। दूसरी ओर, विपक्ष ने 7 अक्टूबर 2023 के हमले के दौरान हुई सुरक्षा चूक, सरकार की जवाबदेही और घरेलू सुधारों पर सवाल उठाए हैं।पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट, यायर गोलान और इतामार बेन-गवीर भी चुनावी राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं।
120 सीटों वाली संसद में बहुमत के लिए 61 सीटें जरूरी
इजरायल की संसदीय चुनाव प्रणाली भारत से अलग है। यहां मतदाता सीधे प्रधानमंत्री का चुनाव नहीं करते, बल्कि राजनीतिक दलों की सूचियों के पक्ष में मतदान करते हैं।नेसेट की कुल 120 सीटों में सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन आवश्यक होता है।किसी राजनीतिक दल को संसद में प्रतिनिधित्व प्राप्त करने के लिए कम से कम 3.25 प्रतिशत वैध मत हासिल करने होते हैं।चुनाव परिणामों के बाद राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग विभिन्न दलों से परामर्श करके सरकार बनाने की जिम्मेदारी उस नेता को सौंपेंगे, जिसके बहुमत जुटाने की संभावना सबसे अधिक होगी।
मतदान समाप्त होने के बाद आएंगे एग्जिट पोल
इजरायल में मतदान समाप्त होने के बाद मंगलवार रात 10 बजे टेलीविजन चैनलों पर एग्जिट पोल जारी किए जाएंगे।आधिकारिक मतगणना के परिणाम धीरे-धीरे सामने आएंगे। अंतिम मतगणना 30 अक्टूबर तक पूरी होने और औपचारिक परिणाम 4 नवंबर को प्रकाशित किए जाने की संभावना है।इसके बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। यदि किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है, तो विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन संबंधी बातचीत महत्वपूर्ण होगी।फिलहाल इजरायल में मतदान जारी है और चुनाव के परिणाम पर देश के साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर बनी हुई है।
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