यरुशलम : 27 अक्टूबर 2026। इजराइल में मंगलवार को संसदीय चुनाव के लिए मतदान जारी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चुनाव में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी के बीच अपनी लिकुड पार्टी के समर्थकों से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की है। नेतन्याहू और उनके सहयोगी विपक्षी दलों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में अधिक मतदान की संभावना को लेकर लगातार चिंता जता रहे हैं। चुनाव में प्रधानमंत्री नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी गठबंधन और पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी खेमे के बीच कड़ा मुकाबला है।
नेतन्याहू ने समर्थकों से मतदान बढ़ाने को कहा
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चुनाव से पहले ही अपने समर्थकों को सक्रिय रहने का संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि चुनावी मुकाबला बेहद करीबी है और मतदान प्रतिशत परिणाम को प्रभावित कर सकता है।नेतन्याहू ने 17 अक्टूबर को एक साक्षात्कार में कहा था कि यदि उनके समर्थकों की अधिक भागीदारी से गठबंधन को एक या दो अतिरिक्त सीटें मिलती हैं, तो सरकार गठन की संभावनाएं बदल सकती हैं।सत्तारूढ़ लिकुड पार्टी और उसके सहयोगी दल विशेष रूप से उन क्षेत्रों में मतदान बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं, जहां परंपरागत रूप से दक्षिणपंथी दलों को समर्थन मिलता रहा है।
वामपंथी गढ़ों में अधिक मतदान की चर्चा
इजराइल में चुनाव के दौरान वामपंथी और दक्षिणपंथी प्रभाव वाले क्षेत्रों में मतदाताओं की भागीदारी एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन गई है।बार-इलान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आशेर कोहेन ने चुनाव से एक दिन पहले बताया था कि वामपंथी प्रभाव वाले क्षेत्रों और लिकुड समर्थक इलाकों के मतदान प्रतिशत में सात से आठ प्रतिशत अंक का अंतर संसद की कई सीटों को प्रभावित कर सकता है।उनके अनुसार, अतीत में भी मतदान प्रतिशत का अंतर चुनावी परिणामों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है।हालांकि, 27 अक्टूबर को वामपंथी गढ़ों में सामान्य से अधिक मतदान होने संबंधी नेतन्याहू के विशिष्ट बयान की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं मिली है।
73 लाख से अधिक मतदाता करेंगे फैसला
इजराइल के इस संसदीय चुनाव में लगभग 73 लाख मतदाता मतदान के पात्र हैं। देशभर में हजारों मतदान केंद्र बनाए गए हैं।इस बार करीब 3.30 लाख नागरिक पहली बार मतदान करने के पात्र हैं। मतदान सुबह शुरू हुआ और स्थानीय समयानुसार रात 10 बजे तक जारी रहने का कार्यक्रम है।चुनाव में इजराइल की संसद नेसेट की कुल 120 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। सरकार बनाने के लिए किसी दल या गठबंधन को कम से कम 61 सांसदों का समर्थन चाहिए।
गादी आइजनकोट दे रहे नेतन्याहू को चुनौती
इस चुनाव में प्रधानमंत्री नेतन्याहू के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजनकोट हैं।आइजनकोट ने अपने चुनाव प्रचार में 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के दौरान हुई सुरक्षा संबंधी विफलताओं की जवाबदेही और सरकारी संस्थानों में सुधार के मुद्दों पर जोर दिया है।वहीं नेतन्याहू अपनी सरकार के युद्धकालीन फैसलों, राष्ट्रीय सुरक्षा नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।दोनों पक्षों के बीच गाजा युद्ध, न्यायिक व्यवस्था, सैन्य भर्ती और देश की सुरक्षा नीतियों को लेकर गंभीर मतभेद हैं।
अरब मतदाताओं की भागीदारी भी महत्वपूर्ण
इजराइल की अरब आबादी का मतदान प्रतिशत भी राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अरब समुदाय के कई राजनीतिक नेता मतदाताओं से चुनाव में अधिक भागीदारी की अपील कर रहे हैं।अरब समुदाय इजराइल की आबादी का लगभग 21 प्रतिशत हिस्सा है। इस समुदाय से जुड़े दल और उनके निर्वाचित प्रतिनिधि गठबंधन सरकार के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
चुनाव परिणामों पर अंतरराष्ट्रीय नजर
इजराइल में 7 अक्टूबर 2023 के हमले और उसके बाद हुए क्षेत्रीय युद्धों के बाद यह पहला आम चुनाव है।इसलिए चुनाव को केवल नेतन्याहू की राजनीतिक स्थिति से नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा, आर्थिक चुनौतियों और भविष्य की विदेश नीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है।मतदान समाप्त होने के बाद एग्जिट पोल जारी होने की संभावना है। प्रारंभिक परिणाम अगले दिन सामने आ सकते हैं, जबकि आधिकारिक नतीजों की प्रक्रिया नवंबर की शुरुआत तक पूरी होने की उम्मीद है।फिलहाल चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी और अलग-अलग राजनीतिक खेमों की सक्रियता पर नजर बनी हुई है। अंतिम नतीजे ही स्पष्ट करेंगे कि अगली सरकार के गठन के लिए कौन से दल और गठबंधन पर्याप्त संसदीय समर्थन जुटा पाते हैं।
Tags: