एक तरफ शांति की बातें, दूसरी तरफ हमला – जेलेंस्की की रणनीति पर उठे सवाल, पढे पूरी खबर
मॉस्को/जेद्दा: रूस-यूक्रेन युद्ध में एक बार फिर दोहरे खेल का मामला सामने आया है। जहां यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की सऊदी अरब में शांति वार्ता को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रूसी शहरों पर भीषण ड्रोन हमले किए गए हैं। इन हमलों के चलते मॉस्को समेत कई बड़े शहरों में तबाही मची है और यह वार्ता के माहौल को भी प्रभावित कर सकता है।
ड्रोन हमलों से रूस में हड़कंप!
यूक्रेन की सेना ने रूस के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को ड्रोन हमलों से निशाना बनाया, जिससे कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक –मॉस्को, बेलगॉरोड और ब्रांस्क में धमाके सुने गए।रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने कई ड्रोन मार गिराए, लेकिन कुछ लक्ष्य तक पहुंच गए।इन हमलों से रूस में दहशत का माहौल बन गया है।रूस ने इसे "सीधी उकसावे की कार्रवाई" बताया है और इसका सख्त जवाब देने की चेतावनी दी है।
सऊदी में शांति वार्ता – दिखावा या रणनीति?
रूस के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने के बावजूद, यूक्रेन सऊदी अरब के जेद्दा में शांति वार्ता का हिस्सा बना हुआ है। यह सवाल उठ रहा है कि –क्या जेलेंस्की शांति वार्ता को सिर्फ एक राजनीतिक मंच की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं? क्या यह हमले रूस पर दबाव बनाने के लिए किए गए? क्या यूक्रेन वार्ता के बावजूद युद्ध जारी रखने की योजना बना रहा है? रूसी अधिकारियों ने इसे "पाखंड" करार दिया है और कहा है कि यूक्रेन युद्ध रोकने में दिलचस्पी नहीं रखता।
क्या बढ़ेगा युद्ध का दायरा?
रूस पहले ही यूक्रेन के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इन हमलों के बाद जवाबी हमले और तेज हो सकते हैं। इससे युद्ध और लंबा खिंच सकता है और यूरोप में सुरक्षा संकट और गहरा सकता है।