ईरान पर हमले को लेकर MBS ने ट्रंप को दी सलाह

Update: 2026-08-02 12:55 GMT

Washington, DC: मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों का हवाला देते हुए 'एक्सियोस' (Axios) की एक रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आग्रह किया है कि वे पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य हमले की योजना पर पुनर्विचार करें।

एक्सियोस के अनुसार, सऊदी क्राउन प्रिंस ने शनिवार को ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत के दौरान अपनी चिंताएं जाहिर कीं और उनसे आग्रह किया कि वे ईरान के खिलाफ कोई बड़ा सैन्य हमला करने के बजाय तनाव कम करने की दिशा में काम करें।

रिपोर्ट में दो अमेरिकी अधिकारियों का हवाला दिया गया है, जिनमें से एक ने एक्सियोस को बताया कि "सऊदी अरब ने चिंता व्यक्त की और कार्रवाई की योजना के बारे में स्पष्टता मांगी"। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया है कि MBS ने ट्रंप से बड़े पैमाने पर हमले करने के बजाय स्थिति को शांत करने की अपील की, क्योंकि उन्हें डर था कि ऐसी कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में अभूतपूर्व तनाव फैल सकता है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब खबर है कि इज़राइल ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की संभावित बड़ी सैन्य कार्रवाई के फिर से शुरू होने की स्थिति में अपनी तैयारी के बारे में बता दिया है। 'द जेरूसलम पोस्ट' ने दो इज़राइली सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि इज़राइल ने ट्रंप प्रशासन को सूचित किया है कि वह हाई अलर्ट पर है और अमेरिका द्वारा बड़े पैमाने पर फिर से हमले की संभावना के लिए तैयार है।

इससे पहले इस महीने, ईरान को निशाना बनाकर लगातार 13 रातों तक अमेरिकी बमबारी के बाद ट्रंप ने व्यापक सैन्य कार्रवाई की योजना को टाल दिया था।

सऊदी अरब एकमात्र ऐसा क्षेत्रीय देश नहीं है जिसने वाशिंगटन से तनाव और न बढ़ाने का आग्रह किया है। एक्सियोस के अनुसार, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, तुर्की और पाकिस्तान ने भी व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की संभावना पर चिंता व्यक्त की है और संयम बरतने की अपील की है।

 रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रविवार को अमेरिका और ईरान के बीच हुई अप्रत्यक्ष बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, हालांकि दोनों पक्ष अभी तक किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं।

इस बीच, ट्रंप ने रविवार को घोषणा की कि उन्होंने ईरान पर संभावित हमले को रद्द करने का फैसला किया है, साथ ही बातचीत विफल होने पर भविष्य में सैन्य कार्रवाई की संभावना को भी खुला रखा है।

'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने कहा कि वे नियोजित हमले को रद्द कर रहे हैं, बशर्ते "जल्द ही कोई समझौता हो सके", और जोर देकर कहा कि इज़राइल भी "इस प्रतिबद्धता में मेरे साथ है"।

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ऑपरेशन रोकने का फैसला इसलिए किया क्योंकि "समझौते की रूपरेखा पर सहमति बन गई है"। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ "द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से न देखी गई दहशत, ताकत और शक्ति" का इस्तेमाल करने के लिए तैयार था। हालांकि, उन्होंने कहा कि ईरान और दूसरे देशों ने उनसे तय हमले को रोकने के लिए कहा है, क्योंकि "एक समझौते की शर्तों पर सहमति बन गई है"।

ट्रंप के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को "पूरी तरह से खोलना" और "ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करना" शामिल होगा।

ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' पोस्ट में लिखा, "इस अनुरोध के आधार पर, मैंने दुनिया के भविष्य के फायदे और एक समृद्ध ईरान के अस्तित्व के लिए हमले को रद्द करने पर सहमति जताई है, बशर्ते कि जल्द ही कोई समझौता हो सके। इज़राइल भी इस प्रतिबद्धता में मेरे साथ है। सब लोग काम पर लग जाएं और इसे पूरा करें।"

Tags:    

Similar News