वॉशिंगटन। अमेरिका ने साइबर सुरक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) और संघीय जांच ब्यूरो (FBI) ने सात इंटरनेट डोमेन जब्त किए हैं, जिनका कथित तौर पर चीनी सरकार से जुड़े हैकरों द्वारा अमेरिका और अन्य देशों के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे तथा कंप्यूटर नेटवर्क को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। इस कार्रवाई की घोषणा 8 अक्टूबर को की गई थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए डोमेन का संबंध ऐसे साइबर उपकरणों से था, जिनका उपयोग नेटवर्क की सुरक्षा कमजोरियों का पता लगाने, अनधिकृत पहुंच हासिल करने और संवेदनशील जानकारी चुराने के लिए किया जा रहा था।सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई में दो हैकिंग टूल से जुड़े इंटरनेट डोमेन शामिल थे। इन उपकरणों का कथित संचालन बीजिंग स्थित साइबर सुरक्षा कंपनी इंटीग्रिटी टेक्नोलॉजी ग्रुप से जुड़े साइबर अपराधियों द्वारा किया जा रहा था। अमेरिकी एजेंसियों का आरोप है कि इस कंपनी के चीनी अधिकारियों के साथ अनुबंध हैं और इससे जुड़े हैकरों ने विभिन्न देशों के संगठनों के कंप्यूटर नेटवर्क को निशाना बनाया।
8 अक्टूबर को घोषित की गई कार्रवाई
अमेरिकी न्याय विभाग और एफबीआई ने 8 अक्टूबर को सात इंटरनेट डोमेन जब्त करने की घोषणा की।अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इन डोमेन का इस्तेमाल साइबर हमलों से संबंधित गतिविधियों में किया जा रहा था।जांच एजेंसियों का दावा है कि इनसे जुड़े साइबर उपकरणों की मदद से हैकर कंप्यूटर नेटवर्क की कमजोरियों का पता लगाते थे।इसके बाद संभावित रूप से कमजोर नेटवर्क में अनधिकृत प्रवेश करने और संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती थी।अमेरिकी एजेंसियों ने इन गतिविधियों को महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और कंप्यूटर नेटवर्क की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में जब्त किए गए सभी सात डोमेन के नाम नहीं दिए गए हैं।
दो हैकिंग टूल का सामने आया संबंध
रिपोर्ट के अनुसार, जब्त किए गए डोमेन दो हैकिंग टूल से संबंधित थे।इन उपकरणों का कथित तौर पर इस्तेमाल नेटवर्क की सुरक्षा कमजोरियों की पहचान करने के लिए किया जाता था।अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि साइबर अपराधी इन उपकरणों के माध्यम से कंप्यूटर नेटवर्क तक अनधिकृत पहुंच हासिल करने की कोशिश करते थे।इसके अलावा नेटवर्क से संवेदनशील जानकारी चुराने के आरोप भी लगाए गए हैं।साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नेटवर्क स्कैनिंग का उपयोग सामान्य सुरक्षा परीक्षणों के लिए भी किया जाता है। हालांकि, बिना अनुमति किसी नेटवर्क में प्रवेश करना या जानकारी हासिल करना गैरकानूनी गतिविधि हो सकती है।अमेरिकी एजेंसियों ने इस मामले में उपकरणों के कथित दुरुपयोग को कार्रवाई का आधार बताया है।
बीजिंग की कंपनी पर लगे आरोप
अमेरिकी एजेंसियों की जांच में बीजिंग स्थित इंटीग्रिटी टेक्नोलॉजी ग्रुप का नाम सामने आया है।यह कंपनी साइबर सुरक्षा क्षेत्र में काम करती है और रिपोर्ट के अनुसार, उसके चीनी अधिकारियों के साथ अनुबंध हैं।अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि कंपनी से जुड़े साइबर अपराधियों ने हैकिंग उपकरणों का संचालन किया।इन उपकरणों का उपयोग विभिन्न कंप्यूटर नेटवर्क की सुरक्षा कमजोरियों की पहचान और अनधिकृत गतिविधियों के लिए किए जाने का दावा किया गया है।हालांकि, किसी कंपनी का सरकारी संस्थाओं के साथ अनुबंध होना अपने आप में साइबर अपराध में संलिप्तता का प्रमाण नहीं है।इस मामले में कंपनी से संबंधित आरोप अमेरिकी एजेंसियों की जांच और उनके दावों पर आधारित हैं।
अमेरिका सहित कई देशों के नेटवर्क निशाने पर
अमेरिकी और सहयोगी एजेंसियों द्वारा जारी संयुक्त साइबर सुरक्षा सलाह में दावा किया गया है कि संबंधित हैकरों ने दुनिया भर के संगठनों को निशाना बनाया।इनमें अमेरिका के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़े संचालक भी शामिल बताए गए हैं।एजेंसियों के अनुसार, हैकरों ने अलग-अलग तकनीकों का इस्तेमाल करके कंप्यूटर नेटवर्क तक पहुंच हासिल करने की कोशिश की।संयुक्त सलाह में स्वचालित स्कैनिंग, पहले से प्रभावित उपकरणों के नेटवर्क और लक्षित घुसपैठ जैसी गतिविधियों का उल्लेख किया गया है।अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि इन गतिविधियों के जरिए संवेदनशील जानकारी चुराई गई।हालांकि, उपलब्ध विवरण में प्रभावित संगठनों की पूरी सूची या चोरी की गई जानकारी की मात्रा का खुलासा नहीं किया गया है।
क्या है स्वचालित नेटवर्क स्कैनिंग?
स्वचालित नेटवर्क स्कैनिंग एक तकनीकी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से कंप्यूटर नेटवर्क और उनसे जुड़े उपकरणों की जांच की जाती हैइसका उपयोग सुरक्षा विशेषज्ञ नेटवर्क में मौजूद कमजोरियों का पता लगाने के लिए भी करते हैंलेकिन जब ऐसी गतिविधियां बिना अनुमति किसी दूसरे संगठन के नेटवर्क को निशाना बनाने के लिए की जाती हैं, तो उनसे साइबर सुरक्षा संबंधी खतरे पैदा हो सकते हैं।अमेरिकी एजेंसियों का आरोप है कि संबंधित हैकरों ने इसी तरह की तकनीकों का उपयोग करके कमजोर नेटवर्क की पहचान की।इसके बाद कुछ नेटवर्क में अनधिकृत प्रवेश और जानकारी चोरी करने की गतिविधियों को अंजाम देने का दावा किया गया है।
प्रभावित उपकरणों के नेटवर्क का इस्तेमाल
संयुक्त साइबर सुरक्षा सलाह में समझौता किए गए उपकरणों के नेटवर्क के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया गया है।साइबर सुरक्षा की भाषा में ऐसे उपकरण वे होते हैं, जिनकी सुरक्षा किसी हमलावर द्वारा भंग कर दी गई हो।इन उपकरणों का इस्तेमाल अन्य नेटवर्क तक पहुंचने या साइबर गतिविधियों को संचालित करने के लिए किया जा सकता है।अमेरिकी एजेंसियों का आरोप है कि संबंधित हैकरों ने स्वचालित स्कैनिंग के साथ ऐसे उपकरणों के नेटवर्क का भी इस्तेमाल किया।इसके अतिरिक्त विशिष्ट संगठनों को निशाना बनाकर घुसपैठ करने की गतिविधियों का दावा किया गया है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रभावित उपकरणों की कुल संख्या नहीं बताई गई है।
महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर चिंता
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू अमेरिका के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़े नेटवर्क को निशाना बनाए जाने का आरोप है।महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में वे सेवाएं और व्यवस्थाएं आती हैं, जिनका सामान्य जनजीवन और आर्थिक गतिविधियों के संचालन में प्रमुख योगदान होता है।इनमें ऊर्जा, संचार, परिवहन और अन्य आवश्यक सेवाओं से संबंधित नेटवर्क शामिल हो सकते हैं।ऐसे नेटवर्क की सुरक्षा प्रभावित होने पर संबंधित सेवाओं के संचालन और संवेदनशील जानकारी की गोपनीयता पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।हालांकि, इस मामले में किसी विशेष सेवा के बाधित होने या बड़े पैमाने पर संचालन ठप होने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने जारी की संयुक्त सलाह
अमेरिकी और सहयोगी एजेंसियों ने संबंधित साइबर गतिविधियों को लेकर संयुक्त सुरक्षा सलाह जारी की है।इसमें इंटीग्रिटी टेक से कथित रूप से जुड़े हैकरों की गतिविधियों का उल्लेख किया गया है।एजेंसियों ने बताया कि इन गतिविधियों में कई तकनीकों का संयोजन इस्तेमाल किया गया।इस तरह की संयुक्त सलाह का उद्देश्य संगठनों को संभावित साइबर खतरों के बारे में जानकारी देना और सुरक्षा संबंधी सतर्कता बढ़ाना होता है।विशेष रूप से महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़े संस्थानों के लिए नेटवर्क की निगरानी और सुरक्षा कमजोरियों की पहचान करना आवश्यक माना जाता है।
साइबर हमलों की जांच जारी रहने का महत्व
सात इंटरनेट डोमेन की जब्ती अमेरिकी एजेंसियों की साइबर सुरक्षा संबंधी कार्रवाई का हिस्सा है।डोमेन जब्त करने से संबंधित इंटरनेट संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।हालांकि, डोमेन जब्त होने का अर्थ यह नहीं है कि उससे जुड़े सभी साइबर खतरे समाप्त हो गए हैं।किसी साइबर अभियान का वास्तविक दायरा जांच, तकनीकी साक्ष्यों और प्रभावित नेटवर्क की समीक्षा से ही स्पष्ट होता है।इस मामले में भी अमेरिकी एजेंसियों के आरोपों और तकनीकी निष्कर्षों का महत्व बना रहेगा।
चीन से जुड़े आरोपों पर आगे की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण
अमेरिकी न्याय विभाग और एफबीआई की कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय साइबर सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है।अमेरिकी एजेंसियों ने बीजिंग स्थित कंपनी से कथित रूप से जुड़े हैकरों पर महत्वपूर्ण नेटवर्क को निशाना बनाने और संवेदनशील जानकारी चुराने का आरोप लगाया है।हालांकि, उपलब्ध विवरण में चीन सरकार या इंटीग्रिटी टेक्नोलॉजी ग्रुप की ओर से इन विशिष्ट आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।ऐसे में अमेरिकी एजेंसियों के दावों और संबंधित पक्षों की संभावित प्रतिक्रियाओं को अलग-अलग देखना आवश्यक है।फिलहाल सात इंटरनेट डोमेन की जब्ती और संयुक्त साइबर सुरक्षा सलाह इस मामले के प्रमुख घटनाक्रम हैं।