वाशिंगटन: केरल में जन्मी नित्या रमन के लॉस एंजिल्स की मेयर कैरेन बास को हराने का अनुमान है। इसके साथ ही, भारतीय मूल की यह सिटी काउंसलर अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर की पहली एशियाई-अमेरिकी मेयर बनने की राह पर हैं।
कई समाचार माध्यमों ने इस गैर-दलीय मेयर चुनाव में रमन की जीत की घोषणा कर दी है।
हालांकि, अभी नतीजों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, क्योंकि चुनाव अधिकारी अभी भी मतों की गिनती कर रहे हैं।
लॉस एंजिल्स काउंटी रजिस्ट्रार-रिकॉर्डर/काउंटी क्लर्क द्वारा गुरुवार सुबह 9:21 बजे (पैसिफिक टाइम) जारी किए गए नतीजों के अनुसार, रमन को 429,450 वोट (52.10%) मिले हैं, जबकि बास को 394,796 वोट (47.90%) मिले हैं।
रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े शुरुआती हैं और गिनती जारी रहने के दौरान इनमें बदलाव हो सकता है।
एक अर्बन प्लानर (शहरी योजनाकार) रमन ने नामांकन के आखिरी दिन मेयर पद के चुनाव में प्रवेश किया था। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की थी कि गिनती पूरी होने से पहले जीत की घोषणा न करें।
उनके कैंपेन द्वारा जारी एक वीडियो के अनुसार, चुनाव की रात समर्थकों के बीच उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है। मुझे बहुत उम्मीद है। लेकिन मैं थोड़ी अंधविश्वासी भी हूँ, इसलिए हम सब बस शांत रहेंगे, ठीक है?"
उन्होंने अपने चुनाव अभियान को शहर की समस्याओं को लेकर बढ़ती निराशा के जवाब के रूप में पेश किया।
उन्होंने कहा, "निराशा किसी शहर के लिए घातक हो सकती है। लेकिन इस अभियान ने इसे मानने से इनकार कर दिया। आप लोगों ने इसे मानने से इनकार कर दिया।"
"आपने निराशा देखी और उम्मीद को चुना। क्योंकि आप जानते हैं कि लॉस एंजिल्स एक ऐसा शहर है जिसकी मिट्टी में ही उम्मीद बसी है।"
रमन ने किफायती आवास, बेघर लोगों की समस्या, सार्वजनिक सुरक्षा और शहर की सेवाओं को बेहतर बनाने के मुद्दों पर अपना चुनाव प्रचार किया। उनके प्रस्तावों में सालाना आवास निर्माण को तीन गुना करना, बिना हथियारों वाले आपातकालीन रिस्पॉन्स सिस्टम का विस्तार करना, और किरायेदारों तथा प्रवासियों के लिए सुरक्षा को मजबूत करना शामिल है।
केरल में जन्मीं रमन छह साल की उम्र में अमेरिका आ गई थीं। वह पहले लुइसियाना में रहीं और बाद में उनका परिवार बोस्टन के बाहरी इलाके में बस गया। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री हासिल की। उन्होंने लॉस एंजिल्स के चौथे काउंसिल डिस्ट्रिक्ट से राजनीति में कदम रखा और 2020 में एक सीट जीतीं। वह लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल के लिए चुनी जाने वाली पहली एशियाई-अमेरिकी महिला और पहली दक्षिण एशियाई बनीं।
2024 में वह फिर से चुनी गईं, जिसके बाद उन्होंने बास को चुनौती दी, जो चार साल के अपने दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ रही थीं।
अगर नतीजों की पुष्टि हो जाती है, तो रमन लॉस एंजिल्स की मेयर बनने वाली दूसरी महिला होंगी।
बास, जो शहर की पहली महिला मेयर बनी थीं, ने चुनाव के दिन "चार और साल" (अपने कार्यकाल के लिए) की अपील की।
काउंटी रजिस्ट्रार ने बताया कि शुक्रवार तक चौबीसों घंटे वोटों की गिनती जारी रहेगी और समय-समय पर नए नतीजे अपडेट किए जाएंगे। आधिकारिक तौर पर वोटों की गिनती और नतीजों का सर्टिफिकेशन अभी बाकी है।
न्यूयॉर्क के बाद लॉस एंजिल्स अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यहाँ के मेयर शहर की सरकार की कार्यकारी शाखा का नेतृत्व करते हैं, जिनकी मुख्य जिम्मेदारियों में सार्वजनिक सेवाएं, खर्च और नीतिगत प्राथमिकताएं शामिल हैं। सिटी काउंसिल की भूमिका विधायी (कानून बनाने से जुड़ी) होती है।
अनुमानित नतीजों के अनुसार, दोनों शहरों की कमान भारतीय मूल के मेयरों के हाथों में होगी।
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