भारतीय छात्रों के वर्क परमिट पर IRCC का स्पष्टीकरण

Update: 2026-07-27 11:50 GMT

ओटावा: कनाडा में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के वर्क परमिट रिजेक्ट होने के मामलों के बीच वहां के इमिग्रेशन अथॉरिटी ने इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को पढ़ाई के दौरान काम करने के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। बिना अनुमति काम करने वाले छात्रों को भविष्य में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

IRCC ने चेतावनी दी है कि स्टडी परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने पर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इसमें भविष्य में परमिट मिलने में परेशानी, कनाडा में प्रवेश पर रोक और कुछ मामलों में देश से बाहर निकाले जाने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

IRCC का यह बयान उस समय आया है जब कनाडा के कैलगरी स्थित पोर्टेज कॉलेज से जुड़े कई भारतीय छात्रों के वर्क परमिट रिजेक्ट होने की खबर सामने आई थी। वर्क परमिट रिजेक्शन के बाद कुछ छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। कॉलेज ने छात्रों को सलाह दी थी कि वे इस मामले में कानूनी सलाह लें और अपने जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखें।

पोर्टेज कॉलेज ने 21 जुलाई को जारी अपडेट में कहा था कि वह इस मामले को लेकर लगातार स्पष्टीकरण मांग रहा है। कॉलेज ने कहा कि वह छात्रों को सही जानकारी उपलब्ध कराने और नई जानकारी मिलने पर उन्हें अपडेट करने के लिए प्रतिबद्ध है।

IRCC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में बताया कि इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को केवल उन्हीं परिस्थितियों में काम करने की अनुमति होती है, जो उनके स्टडी परमिट में निर्धारित की गई हैं। एजेंसी ने कहा कि बिना अनुमति काम करना, चाहे वह पार्ट टाइम नौकरी ही क्यों न हो, कनाडा के इमिग्रेशन कानूनों का उल्लंघन माना जा सकता है।

कनाडा में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों के लिए काम करने की सीमा भी तय है। IRCC के अनुसार, अगर कोई छात्र कैंपस के बाहर काम करने के योग्य है तो वह नियमित कक्षाओं के दौरान सप्ताह में अधिकतम 24 घंटे तक ही काम कर सकता है। इससे ज्यादा समय तक काम करना स्टडी परमिट की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा।

IRCC ने छात्रों को सलाह दी है कि वे काम शुरू करने से पहले अपने परमिट की शर्तों को अच्छी तरह समझ लें। एजेंसी ने कहा कि नियमों की जानकारी न होना किसी छात्र को कार्रवाई से बचाने का आधार नहीं बन सकता।

वर्क परमिट और इमिग्रेशन मामलों को लेकर छात्रों को अपने सभी दस्तावेज सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। इनमें स्टडी परमिट, कॉलेज का एक्सेप्टेंस लेटर, एनरोलमेंट रिकॉर्ड, कोर्स पूरा होने से जुड़े दस्तावेज, ट्रांसक्रिप्ट, पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) आवेदन से जुड़े कागजात और IRCC के रिफ्यूजल लेटर शामिल हैं।

इसके अलावा छात्रों को IRCC अधिकारियों या अधिकृत इमिग्रेशन प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत और पत्राचार का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखने को कहा गया है। इससे भविष्य में किसी विवाद की स्थिति में छात्रों को मदद मिल सकती है।

कनाडा भारतीय छात्रों के लिए लंबे समय से एक पसंदीदा शिक्षा गंतव्य रहा है। बड़ी संख्या में भारतीय छात्र वहां उच्च शिक्षा हासिल करने जाते हैं और पढ़ाई के साथ काम करके अपने खर्चों को पूरा करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में वर्क परमिट से जुड़े नियमों को लेकर IRCC का यह स्पष्टीकरण छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों को किसी भी नौकरी को स्वीकार करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह उनके स्टडी परमिट की शर्तों के अनुसार है। नियमों की अनदेखी करने से न केवल वर्तमान पढ़ाई प्रभावित हो सकती है, बल्कि भविष्य के इमिग्रेशन अवसरों पर भी असर पड़ सकता है।

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