ओहियो: अमेरिका के ओहियो राज्य में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रेटर क्लीवलैंड इलाके के श्री स्वामीनारायण हिंदू मंदिर वडतालधाम पर शुक्रवार दोपहर हमला किया गया। उपद्रवियों ने मंदिर पर पत्थर और ईंटें फेंकीं, जिससे मंदिर की खिड़कियों के शीशे टूट गए। घटना के समय मंदिर के अंदर पुजारी और श्रद्धालु मौजूद थे। फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है।
घटना के बाद हिंदू समुदाय में चिंता बढ़ गई है। मंदिर जैसे धार्मिक स्थल पर इस तरह की घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। हमले के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बनी।
मामले की जानकारी हिंदू समुदाय से जुड़े संगठन Coalition of Hindus of North America यानी CoHNA ने साझा की है। संगठन के मुताबिक घटना शुक्रवार दोपहर की है। मंदिर की खिड़कियों को निशाना बनाकर ईंटें फेंकी गईं। हालांकि कितनी खिड़कियों को नुकसान पहुंचा है, इसकी सटीक संख्या अभी सामने नहीं आई है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है। संगठन ने रिचमंड हाइट्स की मेयर किम थॉमस और स्थानीय प्रशासन से घटना की निंदा करने तथा जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने की अपील की है। अभी तक किसी संदिग्ध की पहचान या गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
इस घटना के पीछे धार्मिक नफरत से जुड़ा मकसद था या कोई अन्य कारण, यह भी अभी आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है। इसलिए इसे लेकर जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने की मांग की जा रही है। ओहियो में यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब अक्टूबर में हिंदू समुदाय से जुड़े संगठन अमेरिका में Hindu Heritage Month मना रहे हैं। आने वाले दिनों में हिंदू धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होने हैं। ऐसे समय धार्मिक स्थल पर हुई घटना ने समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिका में इससे पहले भी हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सितंबर 2024 में न्यूयॉर्क और कैलिफोर्निया में BAPS श्री स्वामीनारायण मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाएं दर्ज की गई थीं। मार्च 2025 में कैलिफोर्निया के चिनो हिल्स स्थित BAPS मंदिर में भी तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी। भारत सरकार ने अप्रैल 2025 में लोकसभा में बताया था कि अमेरिका में हिंदू मंदिरों को निशाना बनाए जाने और उन पर भारत विरोधी ग्रैफिटी की घटनाओं को अमेरिकी प्रशासन के समक्ष उठाया गया है। सरकार ने विदेशों में भारतीय नागरिकों और भारतीय समुदाय की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही थी।
ओहियो की ताजा घटना में राहत की बात यह है कि मंदिर के अंदर पुजारी और श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद किसी के घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि पत्थर और ईंटें फेंककर खिड़कियों को नुकसान पहुंचाए जाने से घटना की गंभीरता बढ़ गई है। फिलहाल स्थानीय प्रशासन से मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मंदिर को निशाना बनाने वाला कौन था और घटना के पीछे क्या मकसद था।
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