दुबई: होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर तेल टैंकर को निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई है। कुवैत के झंडे वाले तेल टैंकर पर हमले के बाद जहाज पर मौजूद पांच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। होर्मुज दुनिया में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आवाजाही के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है।

रिपोर्टों के मुताबिक तेल टैंकर होर्मुज के रास्ते आगे बढ़ रहा था, तभी उस पर हमला हुआ। हमले के बाद जहाज पर आपात स्थिति पैदा हो गई और चालक दल की सुरक्षा को लेकर तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। जहाज पर मौजूद पांच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। उनके सुरक्षित होने की जानकारी मिलने के बाद परिवारों और संबंधित अधिकारियों ने राहत की सांस ली। हमले की परिस्थितियों और इसके लिए जिम्मेदार पक्ष को लेकर जांच की जा रही है। शुरुआती स्तर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि टैंकर को किस तरह निशाना बनाया गया और हमले के समय जहाज की स्थिति क्या थी। समुद्री सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियां क्षेत्र में गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में हाल के समय में सुरक्षा की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। यहां से गुजरने वाले तेल टैंकरों और दूसरे व्यावसायिक जहाजों को हमले का खतरा बना हुआ है। इसी कारण कई जहाज अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ इस रास्ते से गुजर रहे हैं। कुछ जहाजों को नौसैनिक निगरानी और सुरक्षा के बीच आगे बढ़ाया जा रहा है। पांच भारतीयों को सुरक्षित बचाए जाने की खबर भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है। दुनिया के विभिन्न समुद्री मार्गों पर बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक चालक दल के सदस्य के रूप में काम करते हैं। किसी जहाज पर हमला होने की स्थिति में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बन जाती है। इस मामले में पांचों भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
होर्मुज की भौगोलिक स्थिति इसे वैश्विक ऊर्जा कारोबार के लिए बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। फारस की खाड़ी के कई बड़े तेल उत्पादक देशों का कच्चा तेल इसी संकरे समुद्री रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। इसलिए यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने का असर सीधे वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है। लगातार बने सुरक्षा जोखिम के कारण शिपिंग कंपनियों की चिंता भी बढ़ी हुई है। हमलों की आशंका से जहाजों की सुरक्षा लागत और बीमा खर्च बढ़ सकता है। इसके अलावा अगर कंपनियां वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करती हैं तो परिवहन में ज्यादा समय और पैसा खर्च हो सकता है। ऐसी स्थिति में वैश्विक ऊर्जा बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका रहती है।
क्षेत्र में तनाव के बावजूद होर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही जारी है। सुरक्षा एजेंसियां समुद्री मार्ग की निगरानी कर रही हैं और व्यावसायिक जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। जहाजों को संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल संबंधित समुद्री सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी देने को कहा गया है। फिलहाल कुवैत के झंडे वाले तेल टैंकर पर हुए हमले में पांचों भारतीय सुरक्षित हैं। घटना में जहाज को कितना नुकसान पहुंचा और हमले के पीछे कौन था, इसे लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है। इस घटना ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित समुद्री आवाजाही की चुनौती को सामने ला दिया है।
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