रियाद: सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हूती हमले में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिक मुहम्मद यूसुफ अली को सोमवार को रियाद में दफना दिया गया। अंतिम संस्कार धार्मिक रीति के अनुसार किया गया। भारत के राजदूत और भारतीय दूतावास के अधिकारी भी जनाजे में शामिल हुए तथा शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस बीच, बदलती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए नया परामर्श जारी किया है। इसमें शांत रहने, सतर्कता बरतने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। 
मुहम्मद यूसुफ अली रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले में घायल हुए थे। बाद में उनकी मृत्यु हो गई। भारतीय दूतावास ने उनकी मौत की पुष्टि करते हुए परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई थी। दूतावास ने परिवार के संपर्क में रहने और आवश्यक सहायता देने की जानकारी भी दी थी। शुरुआती बयान में पार्थिव शरीर भारत भेजने में मदद का उल्लेख किया गया था। इसके बाद सामने आए विवरण के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार रियाद में किया गया।
दस अक्टूबर को हुए हमले में अन्य भारतीय नागरिक भी घायल हुए थे। दूतावास के अधिकारियों के अस्पतालों में जाकर घायल भारतीयों से मिलने और उनके परिवारों के संपर्क में रहने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध अपडेट में कुछ घायलों का उपचार जारी रहने और कुछ को अस्पताल से छुट्टी मिलने का उल्लेख है। दूतावास प्रभावित नागरिकों की स्थिति पर नजर रख रहा है और उनके परिजनों तक जानकारी पहुंचाने के लिए संपर्क बनाए हुए है। 
मंगलवार, 13 अक्टूबर को जारी नई एडवाइजरी में भारतीय नागरिकों से मौजूदा स्थिति के बीच संयम बनाए रखने को कहा गया। दूतावास ने विशेष रूप से हवाई हमले की स्थिति में घरों या सुरक्षित भवनों के अंदर रहने की सलाह दी है। नागरिकों को सऊदी अधिकारियों के आधिकारिक माध्यमों से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने के लिए भी कहा गया है। यह परामर्श सऊदी अरब में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और बदलते घटनाक्रम के बीच आवश्यक सावधानी से जुड़ा है। 
एडवाइजरी में मौजूदा घटनाओं से संबंधित वीडियो और खबरें सोशल मीडिया पर साझा करने या दोबारा प्रसारित करने से बचने की सलाह भी दी गई है। भारतीय समुदाय से दूतावास के आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यमों पर जारी अपडेट देखने को कहा गया है। सुरक्षा संबंधी जानकारी के लिए आधिकारिक निर्देशों पर ध्यान देने की अपील की गई है। दूतावास ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था के अनुरूप सावधानी बरतने को अपने परामर्श का प्रमुख हिस्सा बनाया है।
सुरक्षा स्थिति का असर विमान सेवाओं पर भी पड़ा है। 13 अक्टूबर को उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद, दम्माम तथा जेद्दा आने-जाने वाली उड़ानें 17 अक्टूबर तक निलंबित की हैं। अकासा एयर ने रियाद और जेद्दा की उड़ानों का निलंबन भी इसी तारीख तक बढ़ाया है। इंडिगो ने रियाद, दम्माम, जेद्दा और मदीना से संबंधित सेवाएं 17 अक्टूबर तक रोकने की जानकारी दी है। ये घोषणाएं संबंधित कंपनियों के उपलब्ध अपडेट पर आधारित हैं। 
उड़ानों में व्यवधान के कारण यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी विमानन कंपनी से उड़ान की स्थिति की पुष्टि करने को कहा गया है। जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने विशेष रूप से जेद्दा और मदीना के रास्ते यात्रा करने वाले उमरा यात्रियों से नियमित अपडेट लेने की अपील की है। उड़ानों की उपलब्धता में बदलाव को देखते हुए यात्रियों के लिए संबंधित एयरलाइन की ताजा सूचना महत्वपूर्ण है। वाणिज्य दूतावास ने प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए चौबीस घंटे सक्रिय नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है।
भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि रियाद में दूतावास, जेद्दा में वाणिज्य दूतावास और वीएफएस के माध्यम से दी जाने वाली संबंधित सेवाएं सामान्य रूप से काम कर रही हैं। पासपोर्ट तथा दस्तावेज संबंधी सेवाओं के संचालन की जानकारी भी दी गई है। नागरिकों को सहायता के लिए आधिकारिक संपर्क माध्यमों का उपयोग करने और दूतावास की घोषणाओं पर नजर रखने को कहा गया है। 
रियाद हमले में भारतीय नागरिक की मृत्यु के बाद दूतावास की सहायता, घायलों के उपचार की जानकारी और भारतीय समुदाय के लिए सुरक्षा परामर्श सामने आए हैं। नई एडवाइजरी में शांत रहने, हवाई हमले के दौरान भीतर रहने, स्थानीय निर्देश मानने और यात्रा से पहले उड़ान की पुष्टि करने पर जोर दिया गया है। उड़ानों से संबंधित आगे की स्थिति विमानन कंपनियों की नई घोषणाओं पर निर्भर करेगी।
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