भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ की नेपाल यात्रा, पीएम बालेंद्र शाह से की मुलाकात
काठमांडू: सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के साथ शिष्टाचार मुलाकात की। यह मुलाकात नेपाल की उनकी चार दिन की आधिकारिक यात्रा का हिस्सा थी, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को और मजबूत करना है।जनरल सेठ ने प्रधानमंत्री शाह से मुलाकात की, जिनके पास प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद कार्यालय (सिंह दरबार) में रक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव भी इस बैठक के दौरान मौजूद थे। यह जानकारी नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए दी।
पोस्ट में लिखा था, "भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और सम्मानित प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के बीच शिष्टाचार मुलाकात हुई। सेना प्रमुख जनरल सेठ ने आज सिंह दरबार स्थित प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद कार्यालय में प्रधानमंत्री शाह के साथ शिष्टाचार मुलाकात की, जो रक्षा मंत्री के तौर पर भी काम करते हैं। बैठक के दौरान नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव भी मौजूद थे।"जनरल सेठ रविवार को नेपाल के सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिगदेल के औपचारिक निमंत्रण पर काठमांडू पहुंचे थे।
16 से 19 अगस्त तक चलने वाली उनकी इस यात्रा में नेपाल के वरिष्ठ अधिकारियों, सैन्य नेताओं, अफसरों और भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों के साथ कई बैठकें और कार्यक्रम शामिल हैं।इससे पहले सोमवार को, नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने शीतल निवास में आयोजित एक सम्मान समारोह में जनरल सेठ को नेपाली सेना के 'जनरल' का मानद पद प्रदान किया।यह सम्मान भारतीय और नेपाली सेनाओं के बीच चली आ रही उस पुरानी परंपरा को दर्शाता है, जिसके तहत दोनों देशों के सेना प्रमुखों को एक-दूसरे की सेना में 'जनरल' का मानद पद दिया जाता है। यह परंपरा 1950 से चली आ रही है।
सोमवार को ही जनरल सेठ ने द्विपक्षीय बातचीत के लिए अपने नेपाली समकक्ष जनरल अशोक राज सिगदेल से मुलाकात की।उन्होंने काठमांडू में नेपाली सेना मुख्यालय में औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' का निरीक्षण किया और टुंडिखेल स्थित आर्मी पैविलियन में पुष्पांजलि अर्पित की।अपनी यात्रा के दौरान, जनरल सेठ को नेपाली सेना के सैन्य संचालन महानिदेशक (Director General of Military Operations) से आपसी रणनीतिक हितों के मुद्दों पर जानकारी मिलेगी और वे द्विपक्षीय मामलों पर नेपाल के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करेंगे।
मंगलवार को, वे शिवपुरी में आर्मी कमांड एंड स्टाफ कोर्स के छात्र अधिकारियों को संबोधित करेंगे और प्रशिक्षकों तथा विदेशी छात्र अधिकारियों से बातचीत करेंगे। अपनी यात्रा के आखिरी दिन, 19 अगस्त को, जनरल सेठ पोखरा में पूर्व-सैनिक रैली में शामिल होने जाएंगे। वहां वे 'वीर नारियों' और वीरता पुरस्कार पाने वालों को सम्मानित करेंगे और भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों से बातचीत करेंगे।रक्षा मंत्रालय ने भारत और नेपाल के बीच गहरे ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों पर ज़ोर दिया है, जिन्हें अक्सर "रोटी-बेटी का रिश्ता" कहा जाता है। मंत्रालय ने कहा कि जनकपुर-अयोध्या और लुम्बिनी-बोधगया जैसे सांस्कृतिक संबंधों ने दोनों देशों के बीच करीबी रिश्ते बनाने में योगदान दिया है।
इस यात्रा का मकसद दोनों सेनाओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य संबंधों को और मज़बूत करना, बेहतर सहयोग के नए रास्ते तलाशना और साथ ही भारत और नेपाल के बीच दोस्ती के व्यापक रिश्तों को और पक्का करना है।जनरल सेठ ने 30 जून, 2026 को भारतीय सेना के 'चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ़' का पद संभाला। नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला के पूर्व छात्र रहे जनरल सेठ दिसंबर 1986 में 'आर्म्ड कॉर्प्स' में शामिल हुए थे।