नई दिल्ली: हज-2027 की तैयारी कर रहे भारतीय यात्रियों के लिए मेडिकल जांच से जुड़े नियम सख्त किए गए हैं। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने चयनित यात्रियों के लिए मेडिकल स्क्रीनिंग और फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य किया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर कोई यात्री अपनी गंभीर बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी जानकारी छिपाता है अथवा गलत जानकारी देता है तो उसे यात्रा के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में जमा की गई राशि जब्त होने के साथ कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।
दो चरणों में होगी मेडिकल स्क्रीनिंग
हज-2027 के लिए मेडिकल जांच दो चरणों में की जा रही है। पहले चरण में चयनित यात्रियों को अधिकृत सरकारी एलोपैथिक मेडिकल ऑफिसर से जांच करानी है और निर्धारित प्रारूप में Primary Medical Screening and Fitness Certificate हासिल करना है। इसके साथ जरूरी जांच रिपोर्ट भी तैयार रखनी होंगी।
मेडिकल असेसमेंट में स्वास्थ्य इतिहास की जानकारी के साथ CBC, फास्टिंग ब्लड शुगर या HbA1C, चेस्ट एक्स-रे, किडनी फंक्शन टेस्ट और लिवर फंक्शन टेस्ट जैसी जांच शामिल हैं। 40 वर्ष और उससे अधिक उम्र के यात्रियों के लिए ECG अनिवार्य बताया गया है। 40 साल से कम उम्र के ऐसे लोगों के लिए भी ECG जरूरी हो सकता है जिन्हें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या मोटापे जैसी निर्धारित स्वास्थ्य समस्याएं हैं।
बीमारी छिपाई तो क्या होगा?
हज कमेटी की गाइडलाइंस के मुताबिक स्वास्थ्य या मेडिकल स्थिति से संबंधित गलत या झूठी जानकारी देना गंभीर मामला माना जाएगा। बीमारी छिपाने या फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट देने वाला यात्री किसी भी चरण में अयोग्य घोषित किया जा सकता है। उसे एम्बार्केशन पॉइंट पर यात्रा से रोका भी जा सकता है। इसके अलावा जमा राशि जब्त होने और लागू नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इसलिए यात्रियों को ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हृदय रोग, कैंसर, एलर्जी, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या या अन्य मांगी गई मेडिकल जानकारी सही-सही बतानी चाहिए।
किन गंभीर बीमारियों में यात्रा की अनुमति नहीं?
हज पॉलिसी-2027 और लागू सऊदी स्वास्थ्य मानकों के तहत कुछ गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोग यात्रा के लिए पात्र नहीं हो सकते। इनमें गंभीर हृदय, सांस, लिवर या किडनी संबंधी बीमारी, गंभीर न्यूरोलॉजिकल या मनोवैज्ञानिक स्थिति, डिमेंशिया, सक्रिय कैंसर के लिए कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा करने वाले सक्रिय संक्रामक रोग शामिल बताए गए हैं।
गर्भवती महिलाओं के लिए भी नियम निर्धारित हैं। उपलब्ध दिशा-निर्देशों के अनुसार यात्रा शुरू होने तक 28 सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था होने पर पात्रता प्रभावित हो सकती है।
मेडिकल दस्तावेज संभालकर रखना जरूरी
यात्रियों को अपने मूल मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और जांच रिपोर्ट सुरक्षित रखने को कहा गया है। इनकी जरूरत दूसरे चरण की मेडिकल स्क्रीनिंग और वैक्सीनेशन के दौरान पड़ सकती है। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने मेडिकल स्क्रीनिंग से संबंधित आधिकारिक फॉर्म और दस्तावेज अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध कराए हैं।
हज यात्रा में लंबी दूरी तक पैदल चलना, भीड़, गर्म मौसम और लगातार शारीरिक गतिविधियां शामिल होती हैं। इसलिए मेडिकल जांच को केवल औपचारिक प्रक्रिया समझने के बजाय अपनी वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति की सही जानकारी देना जरूरी है।
हज-2027 के यात्रियों को सलाह है कि मेडिकल फॉर्म में कोई जानकारी न छिपाएं और केवल अधिकृत चिकित्सा अधिकारी से निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच कराएं। गलत स्वास्थ्य जानकारी देने पर यात्रा रद्द होने से लेकर जमा राशि जब्त होने और कानूनी कार्रवाई तक की स्थिति बन सकती है।