आईआरजीसी का दावा: प्रतिबंधित रास्ते का इस्तेमाल कर रहा था 'एल गैया' तेल टैंकर, नेवल माइन से टकराने के बाद लगी आग
तेहरान: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने कहा है कि 'एल गैया' नाम का एक विशाल तेल टैंकर, जो होर्मुज स्ट्रेट को पार करने के लिए दक्षिणी हिस्से के एक 'प्रतिबंधित' रास्ते का इस्तेमाल कर रहा था, नौसैनिक बारूदी सुरंगों से टकरा गया। टक्कर के बाद उसमें विस्फोट हुआ और आग लग गई।
आईआरजीसी के आधिकारिक समाचार आउटलेट 'सेपाह न्यूज' में जारी बयान के अनुसार, टैंकर में लगी आग को बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। आखिरकार पूरा जहाज आग की लपटों में घिर गया।
बयान में कहा गया कि इस रणनीतिक जलमार्ग में 'गैरकानूनी' रास्ते का इस्तेमाल करने के खतरों को लेकर पहले ही चेतावनी दी गई थी। साथ ही यह दोहराया गया कि होर्मुज स्ट्रेट बंद है और उस पर ईरानी नौसेना का नियंत्रण है।
इससे पहले दिन में, पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (पीजीएसए), जो होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात की निगरानी करती है, ने बीमा कंपनियों और जहाजों के वर्गीकरण संगठनों को चेतावनी दी थी कि वे उन जहाजों को सेवाएं न दें जिन्हें उसकी नई सूची में 'नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाज' बताया गया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पीजीएसए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि बीमा कंपनियां, प्रोटेक्शन एंड इंडेम्निटी (पी एंड आई) क्लब और क्लासिफिकेशन सोसायटीज इन जहाजों को सेवाएं देने से बचें। ऐसा न करने पर उन्हें इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
इसी महीने की शुरुआत में आईआरजीसी ने कहा था कि उसकी नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट में एक अमेरिकी मानव रहित सतही नौका (यूएसवी) को निशाना बनाया था। सेपाह न्यूज में प्रकाशित बयान के अनुसार, 'सेलड्रोन एक्सप्लोरर' प्रकार की इस यूएसवी को एक 'आक्रामक मिशन' पर बताया गया था और जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास उस पर हमला किया गया।
आईआरजीसी ने कहा कि 'सेलड्रोन एक्सप्लोरर' यूएसवी का इस्तेमाल पहले इस क्षेत्र में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट और टास्क फोर्स 59 द्वारा किया जाता था, जिनका मुख्यालय बहरीन में है। संगठन ने यह भी दावा किया कि बहरीन स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डा पहले ईरानी हमलों का निशाना बन चुका है। इसके अलावा, अब इन यूएसवी का इस्तेमाल ओमान के खासाब में स्थित एक इकाई द्वारा किया जा रहा है।
आईआरजीसी ने फिर दोहराया कि होर्मुज स्ट्रेट बंद है और उसके नियंत्रण में है। साथ ही चेतावनी दी कि इस रणनीतिक जलमार्ग में किसी भी 'शत्रुतापूर्ण मौजूदगी' को निशाना बनाया जाएगा। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद, तेहरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने पर प्रतिबंध कड़े कर दिए थे। वहीं, अमेरिकी बलों ने ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने या वहां से आने वाले जहाजों को निशाना बनाते हुए नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी थी।