इस्लामाबाद: पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) में बढ़ते जन असंतोष और विरोध प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तान की राजनीति और सैन्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने नए रक्षा कानून को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद सेना प्रमुख असीम मुनीर की शक्तियां और बढ़ गई हैं।

पाकिस्तान में नए डिफेंस फोर्सेज एक्ट के तहत चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) के पद को अधिक अधिकार दिए गए हैं। इस बदलाव के बाद असीम मुनीर को सैन्य संचालन, राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा मामलों में पहले से ज्यादा प्रभावशाली भूमिका मिलने की बात कही जा रही है।
वहीं दूसरी ओर गुलाम जम्मू-कश्मीर में स्थानीय मुद्दों को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रदर्शनकारी महंगाई, प्रशासनिक समस्याओं, अधिकारों और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन और बंद जैसी गतिविधियां देखने को मिली हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से पाकिस्तान सरकार और सेना की नीतियों पर सवाल उठाए गए हैं। उनका आरोप है कि क्षेत्र के लोगों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा प्रतिष्ठान कानून-व्यवस्था बनाए रखने को अपनी प्राथमिकता बता रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान में सेना की भूमिका लंबे समय से महत्वपूर्ण रही है। असीम मुनीर को मिले नए अधिकारों से सेना का प्रभाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे देश की राजनीतिक व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
गुलाम जम्मू-कश्मीर में जारी असंतोष पाकिस्तान के लिए एक नई चुनौती बनता जा रहा है। स्थानीय आंदोलन और राजनीतिक मांगों के बीच सरकार के सामने जनता की नाराजगी को शांत करने और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने की चुनौती है। पाकिस्तान में एक तरफ सेना को मजबूत करने वाले कदम उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कई क्षेत्रों में जनता के बीच असंतोष की आवाजें भी तेज हो रही हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन चुनौतियों से किस तरह निपटती है।
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