Delhi दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और रूस के बीच लगातार मजबूत हो रही आर्थिक साझेदारी को लेकर बड़ा संदेश दिया है। प्रधानमंत्री ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ दिल्ली में INNOPROM कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां दोनों देशों की कई कंपनियां एक मंच पर जुटीं। मोदी ने कहा कि भारत-रूस की आर्थिक साझेदारी लगातार गति पकड़ रही है और यह आयोजन दोनों देशों के बीच बढ़ते कारोबारी संबंधों की गहराई को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए कहा कि दिल्ली में राष्ट्रपति पुतिन और उन्होंने INNOPROM में भाग लिया। इस कार्यक्रम ने भारत और रूस की कई कंपनियों को एक साथ आने का अवसर दिया।
मोदी ने कहा कि यह दोनों देशों के बीच कारोबारी जुड़ाव की बढ़ती गहराई को दर्शाता है। भारत और रूस के संबंध लंबे समय से रणनीतिक साझेदारी पर आधारित रहे हैं। अब दोनों देश आर्थिक और व्यावसायिक सहयोग को भी नई गति देने पर जोर दे रहे हैं।
INNOPROM जैसे मंच दोनों देशों की कंपनियों को आपसी संपर्क बढ़ाने, संभावित कारोबारी अवसर तलाशने और नए क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा करने का अवसर देते हैं। प्रधानमंत्री के बयान से भी संकेत मिला कि भारत और रूस की आर्थिक साझेदारी को भविष्य में और व्यापक बनाने पर फोकस किया जा रहा है।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच हुई बैठक में भी व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई थी। दोनों नेताओं ने इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, रक्षा और संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया था। ‘इकोनॉमिक कोऑपरेशन प्रोग्राम 2030’ के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई।
ऐसे में INNOPROM में दोनों नेताओं की मौजूदगी को भारत-रूस के कारोबारी रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों की कंपनियों की भागीदारी से निजी क्षेत्र के स्तर पर भी सहयोग के नए अवसर तैयार होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक भारत-रूस आर्थिक साझेदारी लगातार आगे बढ़ रही है। INNOPROM में दोनों देशों की कंपनियों का एक साथ आना इसी बढ़ते व्यापारिक जुड़ाव की तस्वीर पेश करता है।