नई दिल्ली: ट्रंप प्रशासन के 'परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन' (PERM) प्रोग्राम को सस्पेंड करने के फैसले के बीच, भारत ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा विदेशी कर्मचारियों को "विदेशी बंधुआ मजदूर" (foreign indentured servants) कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बयान में कहा, "हमारा मानना है कि ऐसी बातें बेबुनियाद हैं और इस सच्चाई को नज़रअंदाज़ करती हैं कि अमेरिका में भारतीय पेशेवर वहां की अर्थव्यवस्था और इनोवेशन इकोसिस्टम में बहुत पढ़े-लिखे और कुशल योगदानकर्ता हैं।"
विदेश मंत्रालय ने एक रिलीज़ में कहा, "असल में, अमेरिका का इतिहास ही उन अप्रवासियों की पीढ़ियों से बना है जिनकी मेहनत, उद्यम और इनोवेशन ने इसके विकास और समृद्धि में योगदान दिया है। ऐसी शब्दावली का इस्तेमाल करना, जो दर्दनाक ऐतिहासिक और औपनिवेशिक विरासत की याद दिलाती हो, बेहद अपमानजनक है।"
भारत सरकार की यह प्रतिक्रिया तब आई है जब वेंस ने माइक्रोसॉफ्ट पर अमेरिकी कर्मचारियों की जगह गैर-अमेरिकी कर्मचारियों को रखने का आरोप लगाया और कहा कि कंपनी को विदेशी कर्मचारियों के बजाय अमेरिकी नागरिकों को नौकरी देने को प्राथमिकता देनी चाहिए।
वेंस ने अपने आरोपों के समर्थन में कंपनी द्वारा कर्मचारियों की संख्या में कटौती और H-1B वीज़ा व ग्रीन कार्ड के इस्तेमाल का हवाला दिया।
वेंस ने दावा किया, "पिछले साल, माइक्रोसॉफ्ट ने 6,000 अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। साथ ही, कंपनी को 6,300 H-1B वीज़ा और लगभग 3,000 ग्रीन कार्ड का फ़ायदा मिला। दूसरे शब्दों में, अगर आप हिसाब लगाएं, तो माइक्रोसॉफ्ट ने जिस भी कर्मचारी को निकाला, उसकी जगह डेढ़ विदेशी बंधुआ मजदूर को रख लिया।"
ट्रंप प्रशासन के इस कदम से प्रमुख IT आउटसोर्सिंग कंपनियों की PERM प्रोग्राम में भागीदारी रुक गई है। यह प्रोग्राम नियोक्ताओं को रोज़गार-आधारित ग्रीन कार्ड प्रक्रिया के तहत विदेशी कर्मचारियों के लिए परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन हासिल करने की सुविधा देता है।
इस कदम से कंपनियां नए परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगी और प्रोग्राम के तहत लंबित आवेदनों की प्रोसेसिंग भी रुक जाएगी।
अमेरिकी लेबर सेक्रेटरी कीथ सोंडरलिंग ने वेंस की अगुवाई वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फ़ैसले की घोषणा की और इस कदम को चल रही आपराधिक और संघीय जांच से जोड़ा। सोंडरलिंग ने कहा, "लेबर डिपार्टमेंट के इंस्पेक्टर जनरल एंथनी डीएस्पोसिटो की अगुवाई में चल रही आपराधिक जांच के कारण—जिसके बारे में वे जल्द ही विस्तार से बताएंगे—मैं दुनिया की कुछ सबसे बड़ी IT आउटसोर्सिंग कंपनियों—कॉग्निजेंट, इंफोसिस, टाटा, विप्रो, HCL और कैपजेमिनी—को 'परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम' से सस्पेंड कर रहा हूं।"